वर्ष 2026 में मई माह तक नेपाल ने पर्यटन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए
1,500 प्रतिदिन भारतीय पर्यटक वाहनों की तुलना में अब पहुंच रहे मात्र 300 से 350
सोनौली। 2026 में मई तक नेपाल ने पर्यटन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए। मई माह में केवल हवाई मार्ग से 40,782 भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचे, यह किसी भी एक महीने में भारत से आने वाले पर्यटकों की सर्वाधिक संख्या है। हालांकि सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में जून से भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। भंसार कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल जाने वाहनों की संख्या में 80 फीसदी तक गिरावट आई है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल सरकार द्वारा सरहद पर पहचान पत्र की अनिवार्यता, कस्टम नियमों का कड़ाई से पालन तथा पर्यटक वाहनों के लिए एग्जिट व्यवस्था लागू किए जाने के बाद सोनौली सीमा पर जांच पहले की तुलना में काफी सख्त हो गई है। सीमा क्षेत्र के व्यापारियों और टूर एंड ट्रैवल कारोबारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर भारतीय पर्यटकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के वीडियो वायरल होने से पर्यटकों में असहजता और नाराजगी बढ़ी है। कई परिवार अब नेपाल की यात्रा टालकर अन्य पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। कई लोगों ने नेपाल की बुकिंग कैंसिल की है।
भैरहवा भंसार कार्यालय चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि नेपाल सरकार के निर्देशों के तहत सरहद से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। कस्टम और प्रवेश संबंधी प्रावधानों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जा रही है तथा सभी यात्रियों और वाहनों पर समान रूप से नियम लागू किए जा रहे हैं। भंसार कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, मई तक प्रतिदिन औसतन करीब 1,500 से 1800 भारतीय पर्यटक वाहन नेपाल प्रवेश करते थे। वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 300 से 350 वाहन प्रतिदिन रह गई है।
इसका असर भैरहवा, लुंबिनी और पोखरा के पर्यटन कारोबार के साथ-साथ सोनौली के होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियों, टैक्सी संचालकों और छोटे व्यापारियों पर भी दिखाई दे रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जून माह में नियमों की सख्ती और कथित दुर्व्यवहार के बाद सीमा पार पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारी नीरज कुमार, धर्मेंद्र जायसवाल, दीपक जायसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, रवि वर्मा, संदीप सिंह, गोलू मिश्रा का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच वर्षों से चले आ रहे सहज आवागमन की भावना बनाए रखने के लिए पर्यटकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और नियमों की सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि मौजूदा स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो सीमावर्ती पर्यटन के साथ दोनों देशों के बीच छोटे कारोबार पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।
2019 में 12 लाख पर्यटक पहुंचे थे नेपाल
व्यापक स्तर पर नेपाल का पर्यटन उद्योग लगातार मजबूती की ओर बढ़ रहा है। भंसार कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1990 के दशक में जहां नेपाल हर वर्ष लगभग एक लाख विदेशी पर्यटकों का स्वागत करता था, वहीं वर्ष 2018 में यह संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई। वर्ष 2019 नेपाल के पर्यटन इतिहास का सबसे सफल वर्ष रहा, जब करीब 12 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक नेपाल पहुंचे। कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2020 में पर्यटन उद्योग को भारी झटका लगा, लेकिन वर्ष 2022 से सुधार शुरू हुआ और 2023 तक नेपाल महामारी से पहले के स्तर का लगभग 70 से 80 प्रतिशत पर्यटन वापस हासिल करने में सफल रहा। वर्ष 2025 में नेपाल ने 11.6 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का स्वागत कर 2019 के रिकॉर्ड का लगभग 96.8 प्रतिशत स्तर प्राप्त कर लिया।
वर्ष 2026 में नेपाल ने एक और नया इतिहास रचा। मई माह में केवल हवाई मार्ग से 40,782 भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचे, जो किसी भी एक महीने में भारत से आने वाले पर्यटकों की सर्वाधिक संख्या रही। पर्यटन को और गति देने के लिए नेपाल सरकार ने वर्ष 2026 को ''''नेपाल आसियान पर्यटन वर्ष'''' घोषित किया है, ताकि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।