पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान छिटपुट घटनाओं के बीच मंगलवार को पूरा हो गया। जिले में कुल 70.55 फीसदी वोट पड़े। पकड़ी बूथ के बीएलओ पर प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगाकर दूसरे पक्ष ने जमकर हंगामा किया।
मंगलवार सुबह सात बजे से ही सदर, परतावल और घुघली ब्लॉक के बूथों पर मतदान शुरू हो गया। सभी जगह शांति पूर्ण मतदान चल ही रहा था कि सदर क्षेत्र के सतभरिया में पोलिंग एजेंट की नजर एक युवक पर पड़ी। वह दो बैलेट पेपर लेकर बॉक्स में डाल रहा था। जिस पर एजेंट ने एक बैलेट पेपर छीन लिया।
जिसको लेकर हंगामा शुरू हो गया। प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि पीठासीन की भूमिका संदिग्ध है और वह एक पक्ष के लोगों को फर्जी वोट डालने में मदद कर रहे हैं। पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। प्रत्याशियों का आरोप था जो मतदाता बाहर कमाने गए हैं।
उनके नाम बैलेट पेपर पीठासीन द्वारा देकर वोट डलवाया जा रहा था। हालांकि पीठासीन अधिकारी ने कहा कि आरोप निराधार है। युवक अपने साथी का बैलेट पेपर देख रहा था। इसी तरह पकड़ी नउनिया बूथ पर बीरबल अपना वोट डालने के बाद अपने भाई के नाम पर वोट डालने जा रहा था।
शिकायत पर पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी बूथ के पीठासीन अधिकारी पर एक प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि प्रत्याशी के समर्थन में महिलाओं का बैलेट पेपर खुद भरकर डाल रहे हैं। जिसको लेकर कहा सुनी हुई।
उसके बाद गुस्साए लोगों ने उस प्रत्याशी के घर तोड़फोड़ की नीयत से पहुंचे लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। इसी तरह सोनरा में फर्जी मतदान कराते समय एक पूर्व प्रधान को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
आरोप है कि वे बैलेट पेपर लेकर भाग रहे थे। दुबौली बूथ पर पीठासीन अधिकारी पर एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगा।