-अधिकांश बच्चे फास्ट फूड, खुले में बिकने वाले शीतल पेय पदार्थ और शादियों में खाना खाने के बाद पड़े बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में डायररिया से पीड़ित 48 बच्चे भर्ती हैं। दो बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। गर्मी का प्रभाव बढ़ने से मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। ओपीडी में भी मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों की टीम मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज करने में जुटी है।
गर्मी बढ़ने के साथ उप जिला अस्पताल में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को बाल रोग चिकित्सा की ओपीडी में भीड़ लगी रही। उल्टी, दस्त, पेट में मरोड़ और बुखार की समस्या थी। जांच में बच्चे डायरिया से पीड़ित पाए गए। जरूरत के अनुसार दवा देकर घर भेज दिया गया। गंभीर बच्चों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश बच्चे फास्ट फूड, खुले में बिकने वाले शीतल पेय पदार्थ और शादियों में खाना खाने के बाद बीमार पड़े हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि खानपान में लापरवाही से समस्या बढ़ रही है। गर्मी का बच्चों के सेहत पर खराब असर हो रहा है। ओपीडी में डायरिया से पीड़ित से अधिक बच्चे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाना बनाते समय, खाना खाने से पहले हाथों को धो लें। ताजा बना खाना खाएं, बासी भोजन करने से बचें। उल्टी-दस्त होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं। कटे हुए फलों का सेवन न करें। तली-भुनी चीजें ज्यादा न खाएं। इन उपायों को अपनाकर बचाव किया जा सकता है। उधर, वार्ड में बेड पर मानक से अधिक मरीज भर्ती हैं। 31 बेड पर 50 बच्चे भर्ती हैं, इसमें 48 डायरिया से पीड़ित हैं। बच्चों का इलाज डॉक्टरों की टीम कर रही है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि इन दिनों में गर्मी के वजह से डायरिया, उल्टी, दस्त, पेट दर्द के मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों की टीम इलाज करने में जुटी है।