अब ग्रामीण महिलाएं सिलेंगी बच्चों की ड्रेस
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह बनाकर दिया जा रहा प्रशिक्षण
अमर उलाला ब्यूरो
महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली ड्रेस की सिलाई अब ग्रामीण महिलाएं करेंगी। इसके लिए इच्छुक महिलाओं को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत समूह बनाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल से जहां परिषदीय स्कूलों में होने वाले ड्रेस वितरण में अनियमितता पर रोक लगेगी वहीं ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। प्रशिक्षित महिलाएं विद्यालय में जाकर बच्चों के ड्रेस की सिलाई के लिए नाप लेंगी और ड्रेस सिलकर विद्यालयों को उपलब्ध कराएंगी।
केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गरीब महिलाओं को स्वरोजगार के लिए दीनदयाल अंत्योदय व राष्ट्रीय आजीविका मिशन का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत गांव स्तर पर महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। वर्तमान में जिले के सभी ब्लॉकों में 3100 महिलाओं के करीब 287 समूह कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक ग्रुप में 10 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। यह महिलाएं स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना कारोबार कर रही हैं। अब इच्छुक महिलाएं परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के ड्रेस की सिलाई भी करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क ड्रेस वितरण किया जाता है। शासन की ओर से प्रत्येक विद्यार्थी के लिए निर्धारित रुपये से दो जोड़ी ड्रेस खरीदकर उन्हें उपलब्ध कराए जाते हैं। शासन का निर्देश है कि अब ड्रेस की सिलाई प्रशिक्षित महिलाएं ही करें। उपायुक्त रविंद्र वीर ने बताया कि जिले के वनटांगिया क्षेत्र में एक समूह बनाया गया है। इस समूह की महिलाओं को ड्रेस सिलने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वनटांगिया क्षेत्र के 26, 27 और 28 बीट नर्सरी में समूह को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है।