महराजगंज/नौतनवां। भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। जिले की सीमा में एसएसबी अपनी चार चौकियों का विस्तार करने में जुटी है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्दी कार्य शुरू होगा।
महराजगंज जिले में 72 किलोमीटर क्षेत्र नेपाल की सीमा से लगा हुआ है। सीमा की सुरक्षा के लिए एसएसबी की दो बटालियन काम कर रही हैं। सीमा की प्रत्येक गतिविधियों पर एसएसबी की पैनी नजर रहती है। चौकियों का विस्तार होने से सीमा सुरक्षा और कड़ी हो जाएगी, जिससे तस्करी समेत घुसपैठ की संभावना कम हो जाएगी।
भारत-नेपाल सरहद पर एसएसबी की चार चौकियों का विस्तार होना है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रकिया पूरी हो चुकी है। करमीसवां, झुलनीपुर, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, ठूठीबारी, बरगदवां, सोनियाताल, झिंगटी, सेवतरी, रेहरा, भगवानपुर, सोनौली बार्डर आउट पोस्ट हैं। इसी में से लक्ष्मीपुर, रेहरा, सोनौली एवं एक अन्य मुरलिया घाट का विस्तार होगा।
एसएसबी के डीआईजी रंजीत कुमार ने बताया कि एसएसबी की कुल नौ स्थाई चौकियां हैं। एसएसबी की 22 वीं बटालियन की तीन व 66 वीं बटालियन की एक चौकी का विस्तार होगा, जिसमें सोनौली बॉर्डर की एसएसबी चौकी भी शामिल है। इसके अलावा लक्ष्मीपुर, रेहरा, मुरलिया घाट में भी एसएसबी की चौकियों का विस्तार किया जाएगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। निर्माण के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। संभावना है कि अगले वर्ष मार्च माह के बाद चौकियों का निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा। इससे सुरक्षा में लगे जवानों को काफी सहुलियत मिलेगी।