नौतनवां। नगर में संक्रामक रोगों के नियंत्रण में शिथिलता एवं लापरवाही के आरोप में बृहस्पतिवार की शाम डीएम के निर्देश पर सीएमओ क्षमा शंकर पांडेय ने पीएचसी के डॉ. एमपी सोनकर का तबादला सीएचसी फरेंदा कर दिया। डॉ. सोनकर रतनपुर सीएचसी के भी प्रभारी थे। उनकी जगह पर रतनपुर में डॉ. अशोक को चार्ज देने का निर्देश जारी किया है। अंबेडकरनगर वार्ड में फैली उल्टी-दस्त के प्रकोप से बृहस्पतिवार की शाम से लेकर शुक्रवार की दोपहर तक चार मरीज पीएचसी पर भर्ती किए गए। दो लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। दो मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीएचसी पर उल्टी-दस्त की बीमारी से पीड़ित अंबेडकरनगर की बच्ची देवी (60) पत्नी अयोध्या प्रसाद एवं शारदा देवी (35) पत्नी पारस यादव भर्ती कर इलाज के बाद घर भेज दिया गया। वहीं अंबेडकरनगर निवासी संगीता (3) पुत्री इन्द्रकमल एवं लोहसी निवासी चांदनी (18) को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
उल्टी-दस्त के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को अंबेडकरनगर एवं हमीदनगर वार्ड में कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाएं दी। कई उल्टी-दस्त, सिरदर्द, पेटदर्द, बुखार के मरीज थे। टीम ने दोनों वार्डों के 223 घरों का सर्वे कर क्लोरीन, ओआरएस व ब्लिचिंग पाउडर वितरित किया। टीम में डॉ. अशोक कुमार चौधरी, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. जेपी चौधरी, डॉ. विश्वजीत राय, डॉ. शाइस्ता इजहार ने कुल 46 मरीजों की जांच की।
तबादले का विरोध में अस्पताल गेट पर प्रदर्शन
नौतनवां। पीएचसी के डॉ. एमपी सोनकर के तबादले की जानकारी होते ही शुक्रवार की दोपहर नगर के दो दर्जन से अधिक लोगों ने डॉक्टर के तबादले के विरोध में अस्पताल गेट पर प्रदर्शन किया और डीएम को संबोधित ज्ञापन पत्र एसडीएम को देकर तबादला निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे गोरखा समाज जिलाध्यक्ष मनोज राना, रवि तिवारी, अनिल राना, अनिल शाही, अमन आनंद, सूरज थापा, अजय शर्मा, रवि मोदनवाल, संदीप जोशी, राजू पहलवान, संजय पांडेय, राहुल पांडेय, आदित्य त्रिपाठी, प्रदीप पांडेय, विकास गोयल का कहना था कि पीएचसी पर तैनात डॉ. एमपी सोनकर को राजनीतिक दबाव में हटाया गया है। जबकि अंबेडकरनगर में फैली उल्टी-दस्त के लिए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है। डॉ. सोनकर नगर के लोगों के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। रात को आकस्मिक स्थिति में फोन करने पर तत्काल उपलब्ध हो जाते हैं। वहीं सीएचसी पर शाम पांच बजे के बाद कोई डॉक्टर मौजूद नहीं रहता। लोगों ने डॉक्टर का निलंबन निरस्त करने की मांग की। साथ ही नगर में सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले नगर पालिका प्रशासन के जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नगर के लोगों ने जनांदोलन की चेतावनी दी।