कड़ी धूप के बीच रेंगते रहे वाहन, निकलने के लिए करते रहे प्रार्थना
इटवा कस्बे में लगी लंबी जाम से घंटों लोग रहे परेशान
इटवा। इटवा कस्बे में लगने वाला जाम अब लाइलाज हो गया है। हालत यह है कि दूर-दराज से आने वाले वाहन इटवा कस्बे में आकर घंटों जाम की झाम में जूझने को मजबूर हैं। सोमवार दोपहर भी कुछ ऐसा ही हुआ। तापमान 40 डिग्री के करीब था। वाहनों की लंबी कतार और शोर के बीच धूप से लोगों का सिर चकरा गया। लोग प्रार्थना कर रहे थे कि कितने जल्द ही जाम से बाहर निकलें।
सोमवार को जाम से घंटों राहगीर परेशान रहे। इटवा कस्बे को बढ़नी-इटवा-डुमरियागंज, बांसी-इटवा-बिस्कोहर और इटवा-मिठौवा मार्ग विभाजित करता है। इन मार्गों पर लोगों का बढ़नी से इटवा होकर बस्ती-गोरखपुर, लखनऊ व बलरामपुर, बिस्कोहर, बांसी, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर आना-जाना होता है। इसके चलते राहगीरों को आए दिन जाम से परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि, जाम न लगे, इसके लिए पुलिस के सिपाही चौराहे पर मुस्तैद रहे लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या व सड़क की पटरियों पर खड़े बेतरतीब वाहनों की कतार लग गई।
जाम में फंसे रईस अहमद, राजकुमार और मोहरत ने कहा कि यह नगर प्रशासन की नाकामी है, जिससे नतीजा हर दिन हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसके विकल्प की बहुत जरूरी है। व्यापार मंडल इटवा के अध्यक्ष शिव कुमार वर्मा कहते हैं कि बच्चों की गर्मी में मिली छुट्टियों व शादी विवाह के मौसम को लेकर मुंबई, पुणे, दिल्ली आदि शहरों से आए प्रवासियों के वाहनों के साथ गांव आने से भी इटवा में भीड़ बढ़ गई है।
इस संबंध में चेयरमैन विकास जायसवाल ने बताया कि शीघ्र ही जाम की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।