राष्ट्रीय लोक अदालत में 3756 वाद निस्तारित
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महराजगंज। दीवानी न्यायालय, फरेंदा, कलेक्ट्रेट एवं जिले की सभी तहसील न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। उद्घाटन जनपद न्यायाधीश ने ने किया। लोक अदालत में कुल 3756 वादों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने 7 सिविल प्रकीर्ण वाद व 5 इजरा वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय नरेन्द्र बहादुर प्रसाद ने 27 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज प्रथम विश्वंभर प्रसाद ने 3 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण कराकर 2928000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया। कुल 74 विद्युत वाद, 6 सिविल प्रकीर्ण वाद, एक पॉक्सो एफआर वाद का भी निस्तारण हुआ। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम ललित नारायण झा ने 4 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद का निस्तारण कर 1390000 रपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया। पांच सिविल प्रकीर्ण वाद का भी निस्तारण किए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय द्वितीय विपिन कुमार ने 6 वैवाहिक, 3 सिविल प्रकीर्ण व एक फौजदारी वाद का भी निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट परमेश्वर प्रसाद ने 349 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 36050 रपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया। सिविल जज, प्रवर खंड शीलवन्त ने 37 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 3060 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम किशोर ने 63 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया। सिविल जज, अवर खंड शैलेष कुमार मौर्य ने 2 मूल वाद का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में 1147 लंबित तथा 1360 प्री-लिटिगेशन वादों क निस्तारण किया गया। बैंकों के 647 वाद निस्तारित हुए और 6441921 रुपये वसूल किए गए। वहीं 19889701 रुपये के लोन सेटल कराए गए।