- निचलौल क्षेत्र के बनकटवा में सिंचाई विभाग की जमीन पर वर्षों से था कब्जा, किसानों की शिकायत पर प्रशासन ने की कार्रवाई
- दुकानदारों ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जेसीबी रोकने की कोशिश की, पुलिस ने स्थिति संभाला
निचलौल। तहसील क्षेत्र के बनकटवा स्थित सात-पांच पुल की पटरी पर सिंचाई विभाग की जमीन से बुधवार को करीब 35 अवैध दुकानें और आशियाने बुलडोजर से ध्वस्त करा दिए गए। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। दुकानदारों ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जेसीबी रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल लिया। अतिक्रमण के चलते पीछे स्थित खेतों तक पहुंचने का रास्ता बंद था और किसान वर्षों से वैकल्पिक रास्तों से खेतों तक जाने को मजबूर थे। लगातार शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब दो घंटे अभियान चलाकर सरकारी जमीन खाली कराई।
जानकारी के अनुसार पुल की पटरी पर सिंचाई विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें और मकाननुमा ढांचे बना लिए गए थे। इनके पीछे खेत होने के कारण किसानों को वैकल्पकि रास्ते से जाना पड़ता था। किसानों ने तहसील दिवस से लेकर जिले के अधिकारियों तक कई बार शिकायत की। पिछले दिनों तहसील दिवस में मामला फिर उठने पर जिलाधिकारी ने संयुक्त टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा
कार्रवाई से पहले अतिक्रमण करने वालों को कई बार नोटिस देकर खुद दुकानें और आशियाने हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। बुधवार को सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता तनुश्री मिश्रा, नायब तहसीलदार अंकुर सिद्धार्थ और पुलिस टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। टीम को देखते ही अतिक्रमण करने वालों में खलबली मच गई।
निर्धारित समय दिए जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन ने जेसीबी से अवैध निर्माण ध्वस्त कराना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। दुकानदारों ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जेसीबी रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
सामान निकालने का दिया मौका, फिर चला बुलडोजर
प्रशासन की टीम ने दुकानदारों को सामान बाहर निकालने का पर्याप्त मौका दिया। इसके बाद जेसीबी से अवैध निर्माण ध्वस्त कराया गया। कार्रवाई सुबह शुरू होकर बीच-बीच में देर शाम तक चलती रही। अतिक्रमण हटने के बाद पुल की पटरी खाली हो गई और किसानों के लिए खेतों तक जाने का रास्ता भी खुल गया। अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की ओर से विभागीय अधिकारियों और तहसील दिवस में कई बार अतिक्रमण की शिकायत की गई थी। अतिक्रमण करने वालों को पूर्व में कई बार नोटिस देकर खुद कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर बुधवार को अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- तनुश्री मिश्रा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग