राष्ट्रीय
लोक अदालत में शनिवार को 20325
वादों का निस्तारण
किया गया। चार मोटर दुर्घटना
में प्रतिकर वाद के निस्तारण
में 850000 रुपये प्रतिकर
के रूप में दिलाया गया। दो
सिविल वाद तथा एक फौजदारी वाद
का भी निस्तारण किया गया।
अपर
जनपद न्यायाधीश प्रथम जीबी
शर्मा द्वारा चार मोटर दुर्घटना
प्रतिकर वाद का निस्तारण किया
और मुआवजा के 987000 रुपये
प्रतिकर के रूप में दिलवाया।
इसके अतिरिक्त एक सिविल वाद
तथा 62 विद्युत अधिनियम
वाद का का भी निस्तारण किया
गया।
परिवार
न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश
डॉ. मुकुन्द ने बताया
कि सुलह समझौते के आधार पर 32
दंपति ने एक साथ रहने
का फैसला किया। जिसमें एक
दंपति की उम्र 70 साल
थी जो अलग रह रहे थे।अपर जनपद
न्यायाधीश द्वितीय योगेन्द्र
राम गुप्ता ने पांच मोटर
दुर्घटना प्रतिकर वाद का
निस्तारण किया गया। अपर जनपद
न्यायाधीश तृतीय ललित नारायण
झा द्वारा पांच मोटर दुर्घटना
प्रतिकर वाद का निस्तारण किया
गया। अपर जनपद न्यायाधीश
चतुर्थ संजय डे द्वारा दो मोटर
दुर्घटना प्रतिकर वाद का
निस्तारण किया गया। अपर जनपद
न्यायाधीश त्वरित न्यायालय
देवेन्द्र सिंह द्वारा एक
138 एनआई एक्ट वाद का
निस्तारण किया गया। एसएन
उपाध्याय ने कुल 13 फोरम
वादों का निस्तारण किया। मुख्य
न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर
द्विवेदी ने1468 आपराधिक
वादों का निस्तारण कर 83910
रुपये अर्थदंड के रूप
में वसूल किया। सिविल जज सीनियर
डिवीजन अति. मुख्य
न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वजीत
कुमार सिंह ने 317 आपराधिक
वादों का निस्तारण किया। सिविल
जज अवर खंड कुलदीप सिंह ने 372
आपराधिक वादों का
निस्तारण किया। न्यायिक
मजिस्ट्रेट अमन कुमार श्रीवास्तव
ने 213, सिविल जज अवर
खंड फरेन्दा शीलवन्त ने 245
आपराधिक वादों का
निस्तारण किया।समस्त राजस्व
न्यायालयों द्वारा 6647 वादों
का निस्तारण किया।