फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हस्ताक्षर कर बच्चे करेंगे मध्याह्न भोजन मिलने की पुष्टि

विज्ञापन
विज्ञापन
हस्ताक्षर कर बच्चे करेंगे मध्याह्न भोजन मिलने की पुष्टि
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरित किए जाने में गड़बड़ी की अधिकारियों को तमाम शिकायतें मिलती रही हैं। कहीं अधिक बच्चों को दर्शाकर कम मध्याह्न भोजन वितरित किए जाने की शिकायत आती रही है तो कई जगहों पर मध्याह्न भोजन वितरित ही नहीं किए जाने की। इस तरह की गड़बड़ी पर अंकुश लगाने के लिए शासन स्तर से अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर हिदायत दी है कि विद्यालयों में जिन बच्चों को मध्याह्न भोजन मिले, उनका रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी कराया जाए ताकि गड़बड़ी पर अंकुश लग सके। इससे मध्याह्न भोजन वितरण में पारदर्शिता भी लाई जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
जिले में 1478 प्राथमिक और 647 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से प्राथमिक विद्यालय में करीब एक लाख 8 हजार 760 बच्चे पंजीकृत है जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या 80 हजार 561 है। इन विद्यार्थियों में पढ़ने वाले बच्चों को मेन्यू के हिसाब से एमडीएम परोसने के साथ ही सोमवार को फल तथा बुधवार को दूध वितरित करने की व्यवस्था की गई है। शासन स्तर से निर्देश होने के बावजूद विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन, फल व दूध वितरित करने के प्रति अधिकांश प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। इसके चलते उच्चाधिकारियों के यहां लगातार शिकायतें भी पहुंचती रही हैं। शिकायतों के मद्देनजर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कई प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा था। उधर, मध्याह्न भोजन वितरण में मिल रही शिकायतों को देखते हुए अब शासन स्तर से नई व्यवस्था कर दी गई है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर बताया है कि बांदा में मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों से रजिस्टर पर प्रतिदिन हस्ताक्षर कराया जाता है। यही व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जानी है। नई व्यवस्था के तहत कक्षा एक और कक्षा दो के बच्चे जो हस्ताक्षर करने में असमर्थ हैं, उन्हें हस्ताक्षर करना सिखाया जाएगा अथवा किसी वर्णमाला के अक्षर को उनका हस्ताक्षर माना जाना जाना चाहिए ताकि कोई असुविधा न हो और मध्याह्न भोजन वितरण में पारदर्शिता लाई जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि अपर मुख्य सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है। जिसके क्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में जानकारी देकर दिशानिर्देशों का अनुपालन सुुनिश्चित कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें