झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना
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शहर में जलजमाव से बढ़ी परेशानी, नाली ओवर फ्लो
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। शनिवार सुबह शुरू हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन जलजमाव से दुश्वारियां बढ़ गई। कई नालियां ओवर फ्लो हो गईं। सड़क पर गंदा पानी बहने लगा। हालांकि धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। किसानों ने मुतबिक बारिश ने सिंचाई की जरूरत पूरी कर दी। यदि समय-समय पर ऐसे ही बारिश होती रही तो बेहतर पैदावार होगी।
नगर में राजीव नगर, ऑफिसर्स कॉलोनी, शास्त्री नगर, लोहिया नगर, अमरूतियां मोहल्ले समेत अन्य स्थानों पर जलजमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजीव नगर में सड़क पर पानी बहने लगा। ऑफिसर्स कॉलोनी में गेट के अंदर पानी चला गया। फरेंदा रोड पर नहर कॉलोनी के सामने सड़क के किनारे जलजमाव हो गया। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय परिसर पानी से भर गया है। यही हाल बस स्टेशन परिसर का भी रहा। शहर के 25 मोहल्लों में से आधा दर्जन मोहल्लों में जलजमाव की समस्या रही। शास्त्री नगर के अनिल कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन नाली की सफाई के लिए सजग नहीं है। शहर के कुछ नालों की ही सफाई हुई। लोहिया नगर के गणेश श्रीवास्तव ने बताया कि यदि 24 घंटे लगातार बारिश हो गई तो कई मोहल्लों में जलजमाव हो जाएगा। बडे़ नालों का बहाव नहीं होने के कारण घंटे भर की बारिश में ही नाली ओवर फ्लो हो जाती हैं। किसान रामसूरत प्रसाद ने बताया कि बारिश से धान की फसल को ज्यादा फायदा हुआ है। यूरिया के छिड़काव के बाद पानी की जरूरत थी। समय से बारिश होने के कारण सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई। नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल ने बताया कि सफाईकर्मियों को नाली की सफाई के लिए ड्यूटी लगाई गई है। बरसात को ध्यान में रखते हुए टीम सतर्क है। बारिश के थोड़ी देर बाद ही नाली से पानी बह जाता है। जलजमाव अधिक देर नहीं रहता है।
भारी बारिश की संभावना, अलर्ट जारी
बाढ़ बचाव की तैयारी से जुड़े कर्मचारियों को चेताया
अमर उजाला ब्यूूरो
महराजगंज। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। इसे देखते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बाढ़ बचाव के लिए तैनात कर्मचारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।
डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने जिले में बाढ़ बचाव के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले में स्थित 189 किलोमीटर बंधों पर निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अलावा अन्य कर्मचारियों को लगाया है। इन सभी लोगों ने बंधों पर नियमित पेट्रोलिंग का निर्देश दिया गया है। बाढ़ चौकियों, पशु शरणालयों, राहत शिविर, खाद्यान्न वितरण केंद्र पर तैनात कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सचेत रहे। सभी जोनल, सेक्टर तथा सहायक सेक्टर समन्वयकों को भी अलर्ट किया गया है। एडीएम इंद्रभूषण वर्मा ने कहा कि जनपद मुख्यालय पर दो तथा चारों तहसीलों में कंट्रोल रूम संचालित है। 29 बाढ़ चौकी, 28 खाद्यान्न वितरण स्थल, 21 पशु शरणालय, 19 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले में 134 नाविकों को चिह्नित किया गया है। 102 ग्राम पंचायतों के 1014 आपदा मित्रों को सूचीबद्ध कर लिया गया है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 105 नावों की व्यवस्था की गई है। सदर तहसील में 24, फरेंदा में 45, निचलौल में 16 तथा नौतनवां में 20 नाव की व्यवस्था की गई है।
गंडक व महाव का जलस्तर बढ़ा
महराजगंज। गंडक और महाव नदियों के जलस्तर में इजाफा हुआ है। प्यास नदी स्थिर है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के मुताबिक गंडक व महाव के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है। रोहिन व राप्ती का जलस्तर कम हो गया है। प्यास नदी दो दिनों से 100.30 मीटर पर स्थिर है। गंडक नदी का जलस्तर 24 घंटे में 350.80 से बढ़कर 351.00 फीट हो गया। महाव दो से बढ़कर तीन फीट पर बह रही है। रोहिन का जलस्तर 79.650 से घटकर 79.330 मीटर हो गया है। राप्तीनदी का जलस्तर 78.900से घटकर 78.820 मीटर हो गया है।