महराजगंज। अब जिले के लावारिश नवजात शिशुओं को पालना के माध्यम से नया जीवन मिलेगा। इसके लिए समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत जिले भर में कुल 14 पालना केंद्र अर्थात शिशु स्वागत केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
अब कोई भी व्यक्ति, महिला व दंपत्ति नवजात शिशुओं को सड़क एवं निर्जन स्थानों पर फेंकने के बजाय पालना केंद्र में रख सकते हैं। पालना केंद्र पर शिशु को रखकर जाने से पहले घंटी बजानी होगी। घंटी की आवाज सुनकर केंद्र पर तैनात कर्मचारी शिशु को उठा लेंगे। इसके बाद पालन पोषण उपचार आदि की आवश्यक कार्रवाई शुरु करा देंगे। पालना केंद्र जिले के सभी 13 सीएचसी एवं जिला अस्पताल पर स्थापित किया जाएगा।
इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी अजातशत्रु शाही ने बताया कि अब कोई भी अज्ञात व्यक्ति, महिला अथवा दंपत्ति जो अपनी पहचान सार्वजनिक न करना चाहता हो नवजात शिशु को उक्त पालना में सुरक्षित रखकर वापस जा सकता है। सभी पालना अर्थात शिशु स्वागत केेंद्र पर तैनात कर्मचारी पालना पर गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखेंगे। इसके लिए पालना केंद्र पर कर्मचारियों की 8-8 घंटे की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पालना केंद्र स्थापित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक महीने में पालना केंद्र कार्य करना शुरू कर देगा। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। जिले में एक केंद्र जिला अस्पताल में तथा 13 सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खुलेगा।