महराजगंज। जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित करने के लिए चलने वाली मुहिम की सफलता का अंदाजा कलेक्ट्रेट परिसर में बदहाल शौचालय को देखकर लगाया जा सकता है। छह सीट वाले शौचालय की दशा ऐसी है कि कोई यहां आना नहीं चाहता है। करीब दो साल से बदहाल शौचालय को दुरूस्त कराने के लिए अधिकारियों ने जहमत नहीं उठाई। सरकार जहां माड्ल शौचालय बनवाकर जनता को जागरूक कर रही है। वहीं दूसरी ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में बना शौचालय स्वच्छता अभियान को आईना दिखाने के लिए काफी है।
बताया जाता है कि नगरीय विकास अभिकरण की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में जनता की सुविधा के लिए शौचालय का निर्माण हुआ। छह सीटों वाले इस शौचालय की देखभाल को लेकर ध्यान नहीं देने के कारण बदहाल हो गया। ऊपर पानी टंकी टूट गई। शौचालय की सीट भी टूटी है। सफाई भी नहीं है जिससे यहां कोई आना नहीं चाहता है। दूर दराज से आने वाले लोगों को शौच के दिक्कत होती है। डीएम दफ्तर के करीब बने शौचालय की बदहाली से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। शौचालय के पास झाड़ियां उगी हुई हैं जिसे कटाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।
एडीएम इंद्रभूषण वर्मा का कहना है कि स्वच्छता को लेकर सभी अधिकारी गंभीर हैं। शौचालय को ठीक कराने के लिए व्यवस्था की जाएगी जिससे की किसी को परेशानी न हो। साफ सफाई भी करा दिया जाएगा।