महराजगंज। जिले के पहले दौरे में सीएम योगी आदित्यनाथ की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई प्रशासनिक गलियारे में शिद्दत से महसूस की जा रही है। एक साथ 11 अधिकारियों के निलंबन और सात के तबादले से हर मुलाजिम सकते में है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट से लेकर विकास भवन के तमाम अधिकारी मुस्तैदी से जरूरी फाइलें निपटा रहे थे तो जो नहीं थे वे या तो विभागीय बैठक में शामिल होने गए थे या दौरे पर। कुल मिलकर अफसरों में इस कार्रवाई को लेकर खौफ है कि उनके कार्यों की कड़ी निगरानी की जा रही है। आम लोग भी सीएम की कार्रवाई को सुशासन की कड़ी को मजबूती प्रदान करने वाला बता रहे हैं। सीएम के तल्ख तेवर देख अफसरों की बेचैनी बढ़ गई है। बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई की शहर से लेकर गांव तक में खूब चर्चा हो रही है। सभी इसे अलग अलग नजरिए से देख रहे हैं।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में ज्यादा चहल पहल नहीं दिखी। डीएम ऑफिस में एसडीएम सदर देवेश गुप्ता जन समस्याएं सुन रहे थे। ऊपरी तल पर पीओ डूडा दफ्तर में जरूरी काम को निपटाया जा रहा था। वहां बैठे नरेंद्र नाम के शख्स ने कहा कि सीएम की कार्रवाई के बाद तो अधिकारी सहम गए हैं। अब लगता है कुछ बेहतर होगा। अधिकारी नए ढर्रे पर काम करेंगे। सुशासन की कड़ी में सीएम योगी का यह सख्त कदम है। डीएसओ ऑफिस में भी सभी कर्मी मुस्तैद थे। उनकी आपस में बातचीत में भी सीएम के कड़े तेवर की चर्चा। विकास भवन मे भी जिला कृषि अधिकारी दफ्तर में कर्मचारी जरूरी काम निपटाते हुए दिखे। यहां भी सीएम के कार्रवाई को लेकर चर्चा चल रह थी। डीपीआरओ दफ्तर में बैठे शख्स बोल पडे़ कि अब हीलाहवाली नहीं चलेगी। अफसरों और कर्मियों को भी काम करना पडे़गा। पुरंदरपुर और फरेंदा एसओ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जो बातें छन कर आ रही हैं, उसके मुताबिक सिर्फ विवेचना निस्तारण में लापरवाही नहीं, बल्कि वसूली की भी शिकायत मिल रही थी। पीड़ितों की आवाज को दबाने की शिकायत सीएम तक पहुंची थी। इसके अलावा एसडीएम नौतनवां विक्रम सिंह के बारे में यह चर्चा है कि जमीन के मामले में गलत ढंग से मुकदमा दर्ज कराना उनपर भारी पड़ा। सूत्र बताते हैं कि हियुवा की ओर से इनके बारे में सीएम को इनपुट दिया गया था। इसके अलावा जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उसके बारे में भी पहले से सीएम को इनपुट दे दिया गया था। सीएम के दौरे के पहले प्रमुख सचिव राजस्व की समीक्षा में ही इन अफसरों को चिन्हित कर लिए जाने की बात सामने आई है। यह कार्रवाई आमजन में सुशासन का संदेश दे गई है। दवा व्यापारी मनोज नायक कहते हैं कि सीएम ने जनता के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया है की अब लापरवाह अधिकारी सुधर जाए। जनहित को लेकर उदासीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। शास्त्री नगर के अमित कुमार वर्मा ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। सीएम योगी ने जता दिया कि हीलाहवाली उनके कार्यकाल में नहीं चलेगी।
सरकारी डाक्टर का प्राईवेट प्रैक्टिस करना महंगा पड़ा
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. ठाकुर एसके सिंह के बारे में बताया जाता है कि अस्पताल में इलाज करने में उनकी रुचि कम थी। वह प्राइवेट प्रैक्टिस में मशगूल रहते थे। सीएम तक इनकी शिकायत पहुंच गई थी। दो अन्य डॉक्टरों के बारे में बताया जाता है कि लंबे वक्त से छुट्टी पर चल रहे थे। इस वजह से नप गए।
किसान हितों की अनदेखी में नप गए जिला कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मोजम्मिल ऋण मोचन योजना में लापरवाही पर नप गए। ऋण मोचना योजना में किसानों की सूची फाइनल न होना बताया। योजना के क्रियान्वयन में उन्हें लापरवाह पाया गया। सूत्र बताते हैं कि सूची बनाने में पारदर्शिता नहीं बरती गई थी।
हियुवा की शिकायत पर हुई एएमए के खिलाफ कार्रवाई
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह के तबादला सीएम ने कर दिया। चर्चा है कि हियुवा नेताओं से इनकी नहीं बन रही थी। सीएम तक इनकी शिकायत पहुंच गई। समीक्षा के दौरान वह सीएम के निशाने पर आ गए। डीएसओ अमित तिवारी का तबादला भी शिकायत पर हुआ है। बताया जाता है कि कोटेदारों पर पकड़ ढीली होने से पीडीएस में धांधली के मामले बढ़ गए थे। काफी दिनों से सीएम को उनकी शिकायतें मिल रही थीं।
सीएम की यह सबसे कड़ी कार्रवाई
11 अधिकारियों को सस्पेंड करने के साथ ही 7 अधिकारियों का तबादला करना। इसे जिले के लोग बडी कार्रवाई मानते हुए कहते है कि अब तक की यह सबसे बडी कार्रवाई हुई है। सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ की यह सबसे बडी कार्रवाई है। सोनिया बरवां गांव के दुर्गेश पांडेय कहते हैं कि जिले में अधिकारियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई हुई है। इससे जो संदेश गया है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज के सृजन की दिशा में कदम आगे बढ़ गया है। पनियरा क्षेत्र के किसान दीपचंद विश्वकर्मा ने बताया कि गरीबों के हित की सरकार बनी है। जो अधिकारी जनता की बात नहीं सुनेगा, सीएम उसके खिलाफ एक्शन जरूर लेंगे। अब ऐसा लगने लगा है।
पैचिंग कार्य में लापरवाही की हुई शिकायत
सीएम की समीक्षा बैठक में सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएन ओझा को निशाने पर रखा। उनके खिलाफ गड्ढामुक्ति में उदासीनता बरतने की शिकायत रही। सड़क की पैचिंग कराने में इनकी ओर से लापरवाही की गई। सदर विधायक ने बताया कि सड़कों को गड्ढामुक्त बनाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। इसमें लापरवाही होने के कारण कार्रवाई हुई।
सीएमओ दफ्तर में भी दिखी सीएम की हनक
सीएमओ कार्यालय में भी सीएम की हनक दिखी। यहां डाक्टर आईए अंसारी, प्रभारी सीएमओ कार्यालय कक्ष में बैठकर कुछ जरूरी फाइल निपटाने के साथ ही सीएम की कार्रवाई पर भी विचार विर्मश कर रहे थे। कार्यालय अन्य पटल पर तैनाम कर्मी भी काम काज करने में व्यस्त रहे।
जरूरी काम निपटाते हुए दिखे
विकास भवन के सभी दफ्तरों में अधिकारी कर्मचारी काम करते हुए मिले। वहीं जिला युवा कल्याण अधिकारी अजात शत्रु शाही अपने कार्यालय कक्ष में कंप्यूटर पर जरूरी पत्र बनवा रहे थे। बातचीत में सीएम की समीक्षा को लेकर बोले पडे़ कि दायित्व के प्रति लापरवाही तो अब किसी की नहीं चलेगी। हर कार्य को समयबद्ध पूरा करना पडे़गा।
चाय की दुकान पर भी सीएम की कार्रवाई की हुई चर्चा
महराजगंज। नगर में फरेंदा रोड पर चाय की दुकान में सीएम की कार्रवाई की चर्चा रही। सभी इस कार्रवाई को भ्रष्ट अफसरों की नकेल कसने वाला कदम बताया। चाय की चुस्की के साथ इमिलियां गांव के असफाक खान बोले कि अधिकारियों को अब समझ में आ गया है कि काम नहीं करेंगे तो नप जाएंगे। भिसवा गांव के प्रधान नूरआलम अली ने कहा कि विकास तभी होगा जब अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे। सीएम ने साफ संदेश दिया है कि कागजी खानापूरी नहीं, धरातल पर काम दिखना चाहिए। उम्मीद है कि भविष्य में कुछ और बेहतर होगा। पास में बैठे प्रदीप बोल पडे़ कि यही तो बेहतर हुआ है, अधिकारी अब काम करेंगे। यह सब चर्चा हो रही थी कि लोहिया नगर के सुभाष चंद्र बोल पडे़ कि सीएम की सख्ती से अधिकारी बेचैन हैं। कर्मचारी भी सजग हो गए हैं। यह बातचीत चल ही रही थी कि दुकान पर कुछ और लोग पहुंचे और चर्चा समाप्त हो गई। दुुकानदार सत्तन वर्मा चाय की ग्लास को ले जाते हुए बोले कि योगी राज में भ्रष्ट अधिकारी काम नहीं कर पाएंगे। उनकी सही जगह जहां है, सरकार उन्हें वहीं भेज देगी।