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Maharajganj News: सात साल में भी नहीं बन सका 30 बेड का अस्पताल

Wed, 28 Feb 2024 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। बिहार सीमा से लगे सोहगीबरवा गांव में 30 बेड का अस्पताल सात साल से बन रहा है, लेकिन निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका। निर्माण में सुस्ती के चलते लागत बढ़कर आठ करोड़ हो गई है। दीवार पूरा हो चुका है, अब छत लगाने की तैयारी है। कार्यदायी संस्था को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, उप केंद्रों के निर्माण में भी लापरवाही बरती जा रही है। 103 उप केंद्र अभी तक नहीं बन सके हैं।
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जानकारी के अनुसार, 2016 के दिसंबर में अस्पताल बनना शुरू हुआ था। तीन साल में पूरा होना था, लेकिन सात साल बाद भी नहीं बन सका। कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते निर्माण अधर में है। अस्पताल बने तो क्षेत्र के मुसहर बस्ती सोहगीबरवा, भोतहा, शिकारपुर और इनके टोले बाबू टोला, नौका टोला, मुजा टोला, पश्चिम टोला, धर्मपुर, मटियरवा, खुटहवा, दौंनहवा गांव के लोगों को फायदा होगा।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एक फ्लोर बन गई है। फर्श नहीं बनी है। रैंप अंदर बना है। दीवारें तैयार हो चुकी हैं। छत लगना बाकी है। डॉक्टरों के चार आवास बनने हैं, जिसमें से दो आवास पर छत लग गई है। दुर्गम इलाके में बन रहे पीएचसी से आने वाले दिनों में लोगों को फायदा होगा। यहां के वाशिंदों को दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। सोहगीबरवा के जितेंद्र, रामकेश कहते हैं कि इलाज कराने में परेशानी होती है। बिहार या कुशीनगर जिले के खड्डा जाना पड़ता है। रास्ता खराब होने के कारण परेशानी होती है।
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इलाज कराने लोग बिहार जाते हैं
सोहगीबरवा, भोतहा और शिकारपुर के वाशिंदे दो तरफ से बहने वाली नदियों और दोनों ओर से घने जंगलों से घिरा है। दुर्गम क्षेत्रों में निवास करने वाले हजारों लोग बेहतर इलाज के लिए मिलों दूरी तय कर बिहार राज्य के बगहा, बाल्मीकि नगर और भैंसा लोटन स्थित बड़े अस्पतालों का सहारा लेते हैं। क्योंकि, यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
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