- कहीं एएनएम संभाल रहीं जिम्मेदारी तो कहीं केंद्र पर लटका मिला ताला
महराजगंज। ग्रामीणों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुद स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहे हैं। जिले के 204 आरोग्य मंदिरों में से 25 केंद्रों पर वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती नहीं है। इनमें 18 सीएचओ के इस्तीफा देने और सात का अनुबंध समाप्त होने के बाद पद खाली हुए हैं। सीएचओ के अभाव में मरीजों को जांच, उपचार और परामर्श के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।
आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की जिम्मेदारी मरीजों की प्राथमिक जांच और उपचार से लेकर दवा वितरण, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य इकाई पर रेफर करने तक की है। इन केंद्रों से टेली ओपीडी के जरिये विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा भी मिलती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के 204 केंद्रों में फिलहाल 179 पर ही सीएचओ तैनात हैं।
18 ने छोड़ी नौकरी, सात का अनुबंध खत्म
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 18 सीएचओ ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। वहीं सात सीएचओ लंबे समय तक अनुपस्थित रहने या अन्य कारणों से विभागीय कार्रवाई के बाद अनुबंध से बाहर किए गए। इसके चलते 25 आरोग्य मंदिरों में सीएचओ के पद रिक्त हो गए। कई केंद्रों पर आसपास तैनात सीएचओ अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालकर मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं।
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करीब 14 तरह की जांच की सुविधा
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ग्रामीणों को करीब 14 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इनमें मलेरिया, डेंगू, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, कफ, ब्लड शुगर, यूरिन प्रोटीन और क्लोरीन आदि की जांच शामिल है। सीएचओ की मौजूदगी में ये सुविधाएं ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिल जाती हैं।
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मधुमेह से कैंसर तक की स्क्रीनिंग
केंद्रों पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर सहित गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग भी की जाती है। संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य इकाई पर भेजा जाता है। गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, परिवार नियोजन परामर्श तथा महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए टेली ओपीडी की सुविधा भी यहां उपलब्ध है।
कहीं मरीज देखती मिलीं सीएचओ, कहीं ताला
बुधवार को सेमरा राजा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ श्वेता विश्वकर्मा शुगर, बीपी, फंगल इंफेक्शन और परिवार नियोजन से संबंधित मरीजों को परामर्श देती मिलीं। नटवा केंद्र पर सीएचओ राधिका मनी ने शुगर, बीपी, बुखार और पेट दर्द के मरीजों को देखा।
वहीं दोपहर 12 बजे सिसवा नगर स्थित दो बेड वाले अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सिर्फ सफाईकर्मी प्रियंका मौजूद मिलीं। केंद्र पर चिकित्सक या अन्य स्वास्थ्यकर्मी नहीं थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ईश्वरचंद विद्यासागर ने बताया कि केंद्र पर एक चिकित्सक, एक चौकीदार और एक सफाईकर्मी तैनात हैं। उनके अनुसार चिकित्सक रोज केंद्र पर बैठते हैं, लेकिन बुधवार को व्यक्तिगत कार्य से कुछ देर के लिए बाजार गए थे।
ग्राम पंचायत जयश्री के आरोग्य मंदिर के मुख्य गेट पर भी ताला लगा मिला। ग्रामीण मोहन ने बताया कि केंद्र महिलाओं के टीकाकरण के समय ही खुलता है। ग्रामीण पड़ोही ने बताया कि गांव में वायरल बुखार का असर अधिक है। स्थानीय स्तर पर उपचार और दवा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को अस्पताल जाकर पर्ची बनवाने, चिकित्सक को दिखाने और दवा लेने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।
मोहनापुर में दूसरे केंद्र की सीएचओ संभाल रहीं जिम्मेदारी
सीएचसी परतावल के अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि मोहनापुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुबह नौ बजे खुलता है। यहां तैनात सीएचओ के इस्तीफा देने के बाद बगल के केंद्र की सीएचओ के माध्यम से मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं। परतावल ब्लॉक में कुल 24 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिन पर 23 सीएचओ की तैनाती है।
बेलवा में निजी भवन में चल रहा केंद्र
बेलवा गांव में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर फिलहाल निजी भवन में संचालित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरकारी भवन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर जमीन का प्रस्ताव जनपद को भेजा जा चुका है। जल्द ही सरकारी भवन का निर्माण शुरू होने की बात कही जा रही है।
जिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की तैनाती नहीं है, वहां एएनएम को बैठाकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
- डॉ. राजेश द्विवेदी, डिप्टी सीएमओ