सेना के नाम पर सियासत ठीक नहीं : चिदंबरम
कहा, ऐसी सरकार बनानी होगी, जो गरीबों, किसानों और बेरोजगारों का हित करे
महराजगंज। सेना के नाम सियासत ठीक नहीं है। सेना के शौर्य को हर कोई सलाम करता है, लेकिन उसे राजनीति में घसीटना उचित नहीं। उरी, पठानकोट, पुलवामा का जिक्र कर भाजपा अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगी है। यह निंदनीय है। जनता इस बात को समझ रही है और चुनाव में जवाब जरूर देगी। ये बातें कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहीं। वे पार्टी उम्मीदवार सुप्रिया श्रीनेत के चुनाव प्रचार के लिए जिले में आए थे। चिदंबरम ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। शौचालय, आवास, बिजली का ढोल पीटकर उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं, लेकिन रोजगार की बात कोई नहीं कर रहा। जिले के उत्थान की बात होनी चाहिए। कहा कि देश में ऐसी सरकार बनानी होगी, जो गरीबों, किसानों और बेरोजगारों का हित करे। यह कांग्रेस की सरकार में ही संभव है। कांग्रेस नेता ने कहा कि 56 इंच की बात करने से कुछ नहीं होने वाला। धरातल पर काम होना चाहिए। भाजपा सरकार सिर्फ आंकड़े गिनाकर जनता को गुमराह कर रही है।
अधिवक्ताओं ने मिले पूर्व वित्त मंत्री
- पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने दीवानी न्यायालय परिसर में सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अधिवक्ताओं ने वर्तमान राजनीति एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर बातचीत की। आधे घंटे की मुलाकात में उन्होंने कांग्रेस की उपलब्धियों को बताने के साथ ही भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।
प्रो. सक्सेना की समाधि पर चढ़ाए श्रद्धासुमन
- चिदंबरम 11:50 बजे जवाहर लाल नेहरू पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के मैदान में हेलिकॉप्टर से उतरे। इसके बाद वे जिले के पहले सांसद प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना की समाधि गए और श्रद्धासुमन अर्पित किया।
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर ज्ञापन
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के पदाधिकारियों ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा। कहा कि शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं देना अन्याय है। इस मौके पर अटेवा के जिला संयोजक राजेश कुमार जायसवाल, आदित्यनाथ शुक्ला आदि मौजूद रहे।