महराजगंज। बीते दो दिनों से रूक रूक कर हो रही बारिश ने दुश्वारियों को बढ़ा दिया है। शहरों में जहां लोगों को जल जमाव से परेशानी हो रही है। वहीं सरकारी दफ्तरों के खस्ताहाल भवन में फाइलों को सुरक्षित रखना इन दिनों किसी चुनौती से कम नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय का भवन खस्ताहाल है। दो कमरों में ज्यादा पानी टपकता है जिससे यहां फाइलों को नहीं रखा जाता है। सदर बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के गोदाम में खिड़की के रास्ते पानी घुस गया जिससे पुष्टहार भीग गया। उसे सुरक्षित करने में निचे प्लास्टिक बिछाकर बोरे को रखा जा रहा था। वहीं उप निबंधक कार्यालय की पुरानी छत पर प्लास्टिक लगाया गया है। यहां जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित बताया गया।
बरसात में सरकारी भवनों के रखरखाव के हकीकत की पोल खुलकर सामने आ गई है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर कार्यालय के गोदाम में पुष्टाहार भीग गया है। उसे सुरक्षित करने के लिए नीचे फर्श पर प्लास्टिक डाला गया। मुख्य सेविका उर्मिला राव ने बताया कि खिड़की से पानी अंदर गया, जिससे पुष्टाहार की कुछ बोरियां भीग गई है। उसे सुरक्षित रखवाया जा रहा है। कार्यालय में जरूरी कार्यों को निपटा रही मुख्य सेविका प्रेमलता, शांति देवी ने बताया कि बरसात में थोड़ी परेशानी होती है। भवन की हालत तो ठीक है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय तहसील के भवन जर्जर भवन के ऊपरी तल पर है। यहां कमरे में पानी टपकता है। कंप्यूटर आपरेटर अतुल सिंह, मंजेश कुमार ने बताया कि प्रिंटर हल्का भीगा था। कुछ सादा पेपर भी खराब हो गया है। बरसात में अक्सर ऐसा हो जाता है। कंप्यूटर समेत अन्य जरूरी प्रपत्रों को सुरक्षित रखा गया है। उप निबंधक कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि भवन पुराना है। ऊपर प्लास्टिक डालकर भवन को सुरक्षित कर लिया गया है। वैसे भी भवन पुराना हो चुका है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय तो जर्जर हालत में है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को डर लगता है कि कहीं छत गिर न जाए। बरसात में कार्यालय के दो कमरों में ज्यादा पानी टपकता है। वरिष्ठ लिपिक विजय कुमार पांडेय ने बताया कि जरूरी प्रपत्रों को हटाकर दूसरे में कमरे में रख दिया गया है। गन्ना आयुक्त को पत्र भेजकर किराए पर भवन लेने की अनुमति मांगी गई है। कार्यालय के बाबू शिव कुमार सिंह ने बताया कि पानी ज्यादा बरसता है तो कार्यालय परिसर में जल जमाव हो जाता है। भवन की हालत तो ठीक नहीं है लेकिन काम तो करना ही पडे़गा। बिजली निगम के दफ्तर की हालत भी ठीक नहीं है। यहां भी कमरों में पानी टपकता है। सर्तकता बरतते हुए कर्मचारियों ने जरूरी फाइलों को सुरक्षित कमरे में रख दिया है। एक्सईएन विद्युत हरिशंकर ने बताया कि भवन पुराना है। फाईलों को सुरक्षित रखवा दिया गया है। कुछ कमरों में पानी में टपकता है। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। रेलवे आरक्षण केंद्र पर भी पानी टपकता है।
डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि जहां भी सरकारी भवन खराब हालत में हैं। उसकी जांच कराने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो आवश्यकता के अनुसार कार्यालयों के लिए भवन का इंतजाम करने की कार्रवाई की जाएगी।