रफरेंदा/लेहड़ा बाजार। मिश्रवलिया गांव में बाढ़ पीड़ितों में राहत वितरण के दौरान बवाल हो गया। पीड़ितों की सूची में कम लोगों के नाम होने से नाराज लोगों सूची फाड़ दी और लेखपाल को दौड़ा लिया। लेखपाल की सूचना पर एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। विधायक ने छूटे लोगों को राहत सामग्री दिलाने का भरोसा दिया।
बृजमनगंज क्षेत्र के मिश्रवलिया के 412 लोगों की सूची बनी हुई थी। हल्का लेखपाल रामनवल सहयोगी के साथ रविवार को वाउचर भर कर लोगों का अंगूठा लगवा रहे थे। सूची में कुछ लोगों के नाम नहीं होने से ग्रामीण उग्र हो गए और लिस्ट को फाड़ दिया। विवाद बढ़ता देख हल्का लेखपाल जान बचा कर भाग निकला और सूचना एसडीएम को दी। एसडीएम आरबी सिंह, नायब तहसीलदार और बृजमनगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई।
एसडीएम के सामने हल्का लेखपाल रामनवल फफक पड़ा। लेखपाल ने बताया कि वाउचर भर कर अंगूठा लगवा रहे थे। उस समय वर्तमान और पूर्व प्रधान मौजूद रहे। मोहनगढ़ गांव का पूर्व प्रधान लिस्ट लेकर पढ़ने लगे। उसमें कुछ लोगों का नाम कम होने पर मौजूद लोगों ने हंगामा कर दिया और लिस्ट फाड़ दी। पूर्व प्रधान कन्हैया चौहान ने बताया कि भीड़ में किसी ने लिस्ट छीन कर फाड़ दी।
हल्का लेखपाल रामनवल का कहना है कि दो टोले का वह वाउचर बना रहे थे और दो टोले का उनके सहयोगी लेखपाल बनवा रहे थे। आरोप लगाया कि पूर्व प्रधान कन्हैया चौहान लिस्ट लेकर हवा में लहराते हुए लोगों को भड़काया। उनके एक समर्थक ने लिस्ट को फाड़ कर फेक दिया। गाली देते हुए वे लोग उसे मारने के लिए दौड़ा लिए। किसी तरह जान बचाकर वह भागा। लेखपाल ने बृजमनगंज थाने पर तहरीर दे कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में ज्ञानेंद्र राय ने बताया कि तहरीर की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
घटना को सुनकर पहुंचे विधायक
मिश्रवलिया में लेखपाल व ग्रामीणो के बीच बवाल की घटना को सुनकर विधायक बजरंग बहादुर सिंह मौके पर घटना से अवगत कराते हुए एसडीएम से त्वरित छूटे लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक ने कहा कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति राहत सामग्री से वंचित नहीं रहेगा।
कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े लेखपाल
फरेंदा। बृजमनगंज क्षेत्र के मिश्रवलिया में राहत सामग्री वितरण के दौरान लेखपाल पर हमला कर सूची फाड़ने से नाराज लेखपालों ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। लेखपाल संघ के मंत्री जयराम ने बताया कि जब तक दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तबतक बाढ़ राहत में कार्य नहीं किया जाएगा। जब प्रशासन के लोग सुरक्षित नहीं रहेंगे तब तक कैैसे कोई काम करेगा।
मैरूंड गांवों में बाढ़ सूची में शामिल न करना पीड़ितों के साथ अन्याय: पूर्व विधायक
फरेंदा। तहसील क्षेत्र के बाढ़ से पूरी तरह डूबे गांवों को बाढ़ग्रस्त गांव की सूची में शामिल न करना बाढ़ पीड़ितों के साथ अन्याय होगा। मुख्य सचिव को पत्र भेज कर पूर्व विधायक ने चेतावनी दी है। पूर्व विधायक विनोद तिवारी ने कहा कि बृजमनगंज क्षेत्र के केशौली, बडडार, सौरहा, हातावेला हरैया, मटिहनवां, पृथ्वीपालगढ़, मिश्रौलिया, शंकरपुर, बचगंगपुर, गोपालपुर, सोनाबंदी, खड़खड़िया, लौकही, सहजनवां, गुजरौलिया, शाहाबाद के सभी टोले पानी में घिरे हुए थे। उसी प्रकार फरेंदा ब्लाक के जलालगढ़, भगवानपुर, गढ़वा, छितही बुजुर्ग, भैसहिया, रामनगर, बरातगाढ़ा के कई टोले, धानी ब्लाक कोमर, कानापार, करखी गांव में लगातार 15 दिनों तक बाढ़ थी। तमाम गांवों को तहसील प्रशासन ने राहत से वंचित कर दिया। छूटे गांवों को राहत की सूची में शामिल करने की मांग की है।