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मदनपुर वन क्षेत्र अब गैंडे का होगा नया आशियाना

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सोहगीबरवां। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के सीमावर्ती बाल्मीकि व्याघ्र परियोजना का मदनपुर वन क्षेत्र गैंडे का नया आशियाना होगा। बाल्मीकि नगर में जंगल में आने वाले पर्यटकों को वन महकमा एक नया तोहफा देने जा रहा है। अब पर्यटक दुधवा नेशनल पार्क की तर्ज पर बाल्मीकि नगर जंगल में भी गैंडे का दीदार कर सकेंगे। इस बाबत वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना प्रमंडल-दो के डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि मदनपुर क्षेत्र के पांच किलोमीटर दायरे में बाल्मीकि राइनो हैबिटेट सेंटर बनाने की योजना है। वन विभाग ने वन्यप्राणी परिषद को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही नेपाल एवं उत्तर प्रदेश की खुली सीमा में घेराबंदी कर गैंडे का नया आशियाना बनाया जाएगा। फिलहाल पटना संजय गांधी जैविक उद्यान से गैंडों को लाने की योजना है। मदनपुर वन क्षेत्र की जलवायु गैंडे के लिए उपयुक्त है। गैंडा अधिवास क्षेत्र के लिए दलदली भूमि आवश्यक है। जो इस क्षेत्र में पहले से ही मौजूद है। इसके लिए वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है। जिसमें यहां की जलवायु एवं घास गैंडे के लिए अनुकूल पाया गया है। वन्यजीव संस्थान देहरादून के डॉक्टर विभाष पांडव एवं बाल्मीकि नगर निवासी श्रीकृष्ण मुरारी के द्वारा गैंडे के लिए अनुकूल माहौल का अध्ययन किया गया है। इसका फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंप दिया गया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही बाल्मीकिनगर आने वाले पर्यटक गैंडे का दीदार कर सकेंगे।
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गैंडे को दलदली भूमि पसंद
भारतीय गैंडे की औसत लंबाई 12 फुट और ऊंचाई पांच से छह फुट तक होती है। मादा गैंडे का वजन लगभग 1500 किलोग्राम वही नर गैंडे का वजन लगभग 2000 किलो ग्राम तक होता है। दलदली जगह इनका पसंदीदा निवास स्थल होता है। ये पूर्णत: शाकाहारी प्राणी होते हैं।
गैंडे के हमले से एक युवक घायल
सोहगीबरवां। रविवार को क्षेत्र के पिपरासी गांव के एक युवक को नेपाल चितवन से बाढ़ में बह कर आए गैंडे ने हमला एक युवक पर हमला कर दिया। युवक की हालत गम्भीर हो गई। उसे निचलौल सीएचसी में भर्ती कराया गया। युवक का नाम पारस है। युवक अपने घर से थोड़ी दूर पर खेत देखने गया था। तब तक गैंडे ने हमला कर दिया।
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