नौतनवां। चकबंदी न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने हड़ताल के तेरहवें दिन बृहस्पतिवार को भी धरना दिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा चकबंदी न्यायालय तहसील मुख्यालय से दूर की स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। यह जनहित में ठीक नही है।
अधिवक्ता गिरीशचन्द त्रिपाठी ने कहा कि चकबंदी निदेशालय एवं उप संचालक चकबंदी द्वारा तहसील मुख्यालय से बाईस किलोमीटर दूर चकबंदी न्यायालय स्थापित करने की योजना बनायी जा रही है। जो कि वादकारियों के हित में नही है। जब कोई वादकारी तहसील मुख्यालय पर अपना कोई भी काम को लेकर आता है। तो इस दौरान वह अपने कई अन्य कार्य भी तहसील में पूरा कर लेता है। ऐसी दशा में वादकारियों के हितों को देखते हुये डीएम, एसडीएम, चकबंदी निदेशक से चकबंदी न्यायालय तहसील मुख्यालय में स्थापित करने की मांग की।
अधिवक्ता वीरेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार वादकारियों को उचित न्याय दिलाने एवं उनकी सुगमता के लिए नौतनवां में चकबंदी न्यायालय की स्थापना किया जाय। ताकि वादकारी तहसील मुख्यालय में आकर अपनी सभी समस्याओं का निदान कर सकें। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग नही मानी जायेंगी। उनका हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर रेयाज अहमद, अमित सिंह, सचिन श्रीवास्तव, साजिद अली खां, अमरीश मौर्य, सत्यपाल सिंह, अरूणेश कुमार, समसुद्दीन खां, अशोक त्रिपाठी, विजय प्रकाश यादव, बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी, अशोक जायसवाल, वीरेन्द्र पाण्डेय, हरिशंकर मिश्रा सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।