चौक बाजार में मकर संक्रांति पर लगाया गया झूला।
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। मकर संक्रांति मंगलवार को है। इसके लिए बाजार में दुकानें सज गई हैं। ठंड के चलते ग्राहक कम तो जरूर हैं, लेकिन बाजार में फिर भी रौनक है। तिल, चावल, मक्का और मूंगफली आदि की खरीदारी लोग अभी से कर रहे हैं। सोमवार को शहर में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक कई दुकानों पर मोल भाव कर रहे थे। धार्मिक दृष्टिकोण से इस महत्वपूर्ण त्योहार के लिए ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं शहरी इलाकों में भी महिलाएं सप्ताह भर पहले से तैयारी शुरू कर देती हैं। जिले में तमाम स्थानों पर मेला लगता है।
चौक बाजार प्रतिनिधि के अनुसार जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर उत्तर व मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत नगवा सोनाड़ी जंगल से सटे गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी गुरु गोरक्षनाथ मंदिर चौक बाजार में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर लगने वाले मेले की तैयारियां पूर्ण हो गईं हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन द्वारा आवश्यक सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालु यहां गुरु गोरक्षनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। मंदिर परिसर में खिलौना, झूले व मौत का कुआं, चरखी- मिठाइयों की दुकानें सज चुकीं हैं। गांव क्षेत्र के बच्चे मेला शुरू होने के पूर्व ही आनंद उठा रहे हैं। मंदिर एवं छावनी के प्रभारी फलाहारी बाबा त्यागी महाराज ने बताया कि मेले की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गुरु गोरक्षनाथ बाबा द्वापर युग में चौक बाजार से सटे, नगवा सोनाड़ी जंगल में तपस्या किए थे। क्षेत्र के लोगों के लिए धन्य धान्य व रोग और कष्टों को दूर रखने के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया था, जो भी भक्त बाबा में आस्था रखता है। उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। यहां क्षेत्र के लोगों व जिले के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल व पड़ोसी राज्य बिहार के भी श्रद्धालु भी यहां आते हैं।
खुटहा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के ग्राम सभा हंसखोरी महुअवां के टोला पिपरहिया पर बाबा नीरकेवल दास की कुटी है। यह कुटी जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण कोन पर स्थित है। यहां पर मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का मेला लगता है। खिचड़ी चढ़ाकर श्रद्धालु बाबा से आशीर्वाद मांगते हैं।