नवलपरासी। इंडो नेपाल सीमा पर स्थित त्रिवेणी संगम कालीघाट परिसर में नारायणी गंडकी माता की 40वीं भव्य महाआरती हुई। भादो पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नेपाल के संत गुरु वशिष्ठ महाराज, बाल्मीकि नगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, संयोजक डी आनंद, रोकड़पाल सत्यजीत कुमार, कलाकार सत्येंद्र पांडे, मुन्ना राज ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि गुरु वशिष्ठ ने कहा कि भारत में सदियों से गुरु शिष्य परंपरा कायम है। बिना गुरु की कृपा के जीवन में सुख-समृद्धि नहीं आती। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि सर्व धर्म समभाव एवं प्राकृतिक धरोहर की रक्षा विषय पर केंद्रित यह कार्यक्रम अपने आप में अनूठा है। स्वरांजलि लोक कला संस्कृति संस्थान की गायिका आशा साहू आंचल कुमारी, ममता कुमारी, ज्योति कुमारी ने स्वागत गान गाकर अतिथियों का स्वागत किया। सीमावर्ती नेपाल से आई गायिका पूर्णिमा भट्टराई ने मनभावन हिंदी भजनों को प्रस्तुत किया।
डी आनंद ने कहा कि सदा नीरा के तट पर हर महीने की पूर्णिमा तिथि को आयोजित होने वाला यह कायऱक्रम पर्यावरण संरक्षण संवर्धन की दिशा में बढ़ाया गया एक वैश्विक कदम है। स्वरांजलि सेवा संस्थान की ओर से अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर आशा देवी, होम लाल प्रसाद, उदयनारायण, विजय प्रकाश मद्धेशिया, दिलीप जायसवाल, संजीव गिरी, अमित तिवारी, अखिलेश शाह, गायक करण भोजपुरिया, ललन बिहारी व्यास, आशीष आनंद, रमेश शाह, गणेश शर्मा, चंद्रशेखर प्रसाद, हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष लल्लू सिंह समाजसेवी थोलो सिंह भोलू श्रीवास्तव के द्वारा महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी। मंच संचालन डी आनंद ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन कामेश्वर श्रीवास्तव ने किया।