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तेंदुए की संदिग्ध हाल में मौत

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तेंदुए की संदिग्ध हाल में मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के उत्तरी रेंज मेें तेंदुए की संदिग्ध मौत कहीं शिकारियों के हमले से तो नहीं हुई है। इस संदेहास्पद मौत पर तरह तरह केे सवाल उठने लगे हैं। हालांकि तेंदुए की मौत की वजह जानने के लिए वन विभाग ने न केवल पोस्टमार्टम कराया बल्कि सघन परीक्षण के लिए लीवर, हर्ट, आंत व कुछ अन्य अन्य अंग बरेली भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार बीते शनिवार को सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग में एक तेंदुआ संदिग्ध हाल में मृत मिला था। इसे लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चा हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि इन दिनों वन्य जीवों का शिकार करने वालों ने नया तरीका ढूंढ लिया है। कुछ लोग जंगलों के किनारे फंदा लगा दे रहे हैं तो कुछ लोग आटा आदि के गोले में विस्फोटक पदार्थ रख कर जंगल में रख दे रहे हैं। ऐसा करने से एक तरफ जहां वन्यजीव फंदे में फंस कर घायल हो रहे हैं, वहीं खाद्य सामग्री में विस्फोटक रख दिए जाने से जंगली जानवर घायल हो जाते हैं। खाद्य सामग्री में विस्फोटक रखे जाने का प्रयोग ज्यादातर जंगली सुअर के शिकार में किया जाता है। लोगों को कहना है कि उत्तरी चौक रेंज में तेंदुए की संदेहास्पद मौत शिकारियों के हमले से भी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। सेंचुरी में बहने वाले जहरीले पानी से भी वन्यजीवों की मौत हो सकती है। हालांकि डीएफओ का कहना है कि तेंदुए की मौत जंगल के अंदर वन्यजीवों के आपसी हमले में घायल होने की वजह से भी हो सकती है।
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सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने कहा कि उत्तरी चौक में शनिवार को एक तेंदुआ मृत हाल में मिला था। जिसका पोस्टमार्टम रविवार को मुख्य वन्यजीव संरक्षक पश्चिमी कानपुर सुनील चौधरी, मुख्य वन्यजीव संरक्षक पूर्वी गोंडा रामकुमार तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के चिकित्सक डॉक्टर संदीप जायसवाल की उपस्थिति में कराया गया। उसके बाद रेंज परिसर में ही तेंदुए को जला दिया गया। तेंदुए की लंबाई करीब डेढ़ मीटर तथा आयु करीब 6 साल रही होगी। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज में बीते शनिवार को संदिग्ध हाल में मृत तेंदुआ मिला था। उसकी मौत की वजह जानने के लिए तेंदुए का कुछ मांस बरेली भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तेंदुए की मौत का वजह संक्रमण बताई गई है। फिलहाल सघन परीक्षण के लिए तेंदुए का लीवर, हर्ट, आंत व एक अन्य अंग का मांस भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान बरेली में बुधवार को भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा कि तेंदुए की मौत कैसे हुई है।
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