आंधी पानी ने मचाई तबाही : 169 पोल टूटने से 138 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
महराजगंज। जिले में शुक्रवार की रात को अचानक मौसम बदलने से आई तेज आंधी और पानी से काफी नुकसान हुआ है। पोल गिरने के साथ ही पेड़ एवं छप्पर गिर गए। बारिश कीवजह से सड़कें कीचड़युक्त हो गईं। इससे आने-जाने में लोगों को परेशानी हुई। जिले में तमाम स्थानों पर पोल टूटने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। इसे ठीक कराने में बिजली निगम के कर्मी रविवार को जुटे रहे।
जिले के सदर, निचलौल, नौतनवां और फरेंदा क्षेत्र में कुल 169 विद्युत पोल के अलावा तमाम पेड़ गिर गए। इसके चलते जिले के कुल 138 गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। इतना ही नहीं, कई घरों के छप्पर गिर गए। कई जगहों पर पेड़ मकान के ऊपर गिर गए। इसमें कोई घायल नहीं हुआ। धान की बेहन और मक्का के फसलों को बारिश से फायदा हुआ है लेकिन आम और केले की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली। रविवार को दिन भर मौसम सुहावना रहा। इस दौरान बिजली के खंभों के गिरने से सैकड़ों गांवों की आपूर्ति ठप रही।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि 10 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके चलते न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस आ पहुंचा। जबकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। यह बारिश मानसून पूर्व चक्रवातों के कारण हुई है। हालांकि, आगामी दो से तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव होता रहेगा।
लुढ़का पारा, बिजली को लेकर हायतौबा
महराजगंज। आंधी-पानी की तबाही के चलते शहर से लेकर गांवों तक बिजली को लेकर लोगों के बीच हायतौबा मची है। हालांकि, बारिश के बाद लोगों ने राहत जरूर महसूस की लेकिन बिजली के न होने से दिक्कतें बनी रहीं। निचलौल क्षेत्र में आंधी-पानी का ज्यादा असर देखने को मिला। यहां पर सबसे अधिक 125 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से 80 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। सदर में 25 पोल क्षतिग्रस्त होने से 12 और नौतनवां में 12 पोल क्षतिग्रस्त होने से 10 तथा फरेंदा में सात पोल क्षतिग्रस्त होने से 36 गांवों सहित पनियरा नगर पंचायत में विद्युत आपूर्ति बाधित है।
बारिश से सड़कों पर जलभराव
निचलौल क्षेत्र के भकोल, मुनीब गुप्ता, भीम विश्वकर्मा ने कहा कि मानसून से पहले हुई बारिश ने जिम्मेदारों की पोल खोल दी है, क्योंकि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नालियां की साफ-सफाई न होने के चलते सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके कारण लोगों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। क्षेत्र के लालपुर, मिश्रवलिया, बैठवलिया, निचलौल के महाशय वार्ड आदि जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी रही।
कोट
जिले में तेज आंधी और बारिश के चलते आम और केले की फसल को काफी हद तक नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के चलते मक्के की फसल भी गिर गई है। ऐसे में आंधी-पानी का असर मक्का पर भी पड़ा है। मेंथा, धान की बेहन को फायदा हुआ है।
-डॉ. विजय चंद्रन, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र बसूली