एनीमिया से बचाव में आयरन की भूमिका जानेंगी आशा
74 बैच में करीब 5 हजार 500 कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। एनीमिया से बचाव में आयरन की भूमिका के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान किशोर व किशोरियों को एनीमिया से परेशानी न हो, इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।
एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बीते दिनों लखनऊ में प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण हुआ था। जिसमें राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य मिशन के जिला समन्वयक शिवेंद्र श्रीवास्तव ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि एनीमिया जन स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख समस्या है।इसका मुख्य कारण अल्प पोषण तथा खानपान में लौह तत्व की कमी है। प्रदेश में भी विभिन्न आयु वर्ग के लोगों में एनीमिया प्रमुख समस्या बन रही है। किशोर स्वास्थ्य मिशन की ओर से एनीमिया की रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एनीमिया से बचाव के लिए आयरन की गोली कैसे खाएं, इसके बारे में जानकारी प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गई। कहा कि एक बार में एक ही आयरन की गोली खानी चाहिए। आयरन गोली को निगलना चाहिए। गोली भोजन के एक घंटे बाद खानी चाहिए। भरे गिलास पानी के साथ आयरन गोली लेना चाहिए। आयरन की गोली न चबाकर नहीं खाली चाहिए। इसे खाली पेट भी नहीं लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले स्तर पर सभी आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम व स्कूल के शिक्षकों को इसकी जानकारी दी जाएगी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य मिशन के जिला समन्वयक शिवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिले स्तर पर छह छह ब्लॉकों के सभी आशा कार्यकर्ताओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ब्लॉक स्तर पर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी स्कूलों के एक-एक शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने बताया कि कुल 74 बैच में करीब 5500 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनके जरिए किशोर व किशोरियों को आयरन के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।