महराजगंज। जिले में शुद्ध पेयजल को लेकर जल निगम गंभीर है। खासकर जेई एईएस प्रभाव वाले गांवों पर विशेष नजर है। ऐसे में जेई एईएस से प्रभावित 11 गांवों में सौर ऊर्जा से स्वच्छ जलापूर्ति मुहैया कराने को कार्य कराया जा रहा है। सभी 11 चयनित गांवों में बोरिंग का कार्य पूरा करा लिया गया है। अब टंकी का निर्माण शुरु कराया जा रहा है।
जेई एईएस के रोकथाम के लिए सरकार लोगों को गंदगी से दूर रहने तथा स्वच्छ पेयजल का सेवन करने की नसाीहत दे रही है। इसी क्रम में जल निगम ने सौर ऊर्जा की मदद से अब जलापूर्ति कराने पर जोर दे रहा है। इस तरह से अब जलापूर्ति के लिए बिजली जनरेटर का झंझट भी खत्म हो गया है। व्यवस्था के मुताबिक सभी गांव में 5000 लीटर धारिता वाली पानी टंकी बनाई जाएगी। इस टंकी के चारों तरफ चार टोठियां लगी होंगी। ग्रामीण जाएंगे इस टोटी से स्वच्छ पेयजल ले लेंगे। जैसे लोगों को इंडिया मार्का हैंड पंप से पानी लेना पड़ता है। सौर ऊर्जा से लोगों को हमेशा पानी उपलब्ध मिलेगा।
सभी 11 परियोजना पर व्यय होगी करीब 55 लाख की धनराशि
जल निगम के सहायक अभियंता एके अग्रवाल ने बताया कि चयनित सभी 11 गांवों में संचालित होने वाली टीटीएसपी ( टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट) आधारित पेयजल परियोजना पर कुल 55 लाख व्यय होंगे। इस तरह से हर परियोजना पर 5 लाख रूपया खर्च होगा। सभी चयनित 11 गांवों में बोरिंग का कार्य पूरा करा लिया गया है। अब टंकी बनाने का कार्य शुरू होगा। इस कार्य के लिए लखीमपुर खीरी का एक ही ठेकेदार लगाया गया है। इस माह के अंत तक कार्य पूरा कराने को कहा गया है।
इन गांवों में सौर ऊर्जा से संचालित होगी जलापूर्ति
सदर ब्लॉक का ग्राम बरगदवा, परतावल ब्लाक का ग्राम सोहसा बांसपार व नंदना, पनियरा ब्लॉक का बरगदवा टोला, निचलौल ब्लॉक के ग्राम पिपरा, सिसवां ब्लाक का चिउटहां, मिठौरा ब्लॉक का औराटार, घुघली ब्लॉक का चौमुखा, फरेंदा ब्लाक ग्राम रामनगर केवटलियां व पचरूखी तिलकहना तथा बृजमनगंज ब्लॉक के ग्राम दुबौलिया जगेसरपुर में जलापूर्ति की जाएगी।