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गेहूं बेचकर रकम लेने का इंतजार कर रहे किसान

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गेहूं बेचकर रकम का इंतजार कर रहे किसान
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किसानों का 655.70 लाख क्रय एजेंसियों पर बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचकर किसान परेशान हैं। उन्हें रकम नहीं मिली है। विभाग का दावा है कि 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान कर दिया जाता है। बावजूद इसके किसानों को गेहूं बेचकर रकम लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। 25 मई तक की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 655.70 लाख रुपया किसानों का बकाया है। किसान गेहूं बेचने के बाद रकम लेने को समिति का चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में 125000 एमटी गेहूं क्रय का लक्ष्य निर्धारित है। 204 क्रय केंद्र बने हैं। इनमें दो क्रय केंद्र क्रियाशील नहीं हैं। किसानों को गेहूं बेचकर रकम के लिए इंतजार करना पडा रहा है। 25 मई तक की रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्य के सापेक्ष 89819.47 एमटी की खरीद हो चुकी है। 57477.45 एमटी गेहूं गोदाम भेजा जा चुका है। अब क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के बाद किसान रकम के लिए इंतजार कर रहे हैं। 655.70 लाख की रकम बकाया है, जो अभी किसानों को नहीं मिली। जबकि दावा है कि गेहूं क्रय के 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान कर दिया जाता है। खाद्य निगम एवं सहकारी समिति पर एक भी बकाया नहीं है। पीसीएफ पर 169.01 लाख, यूपी एग्रो पर 85.10 लाख, कर्मचारी कल्याण निगम पर 52.33 लाख, पीसीयू पर 225.67 लाख, नैफेड पर 98.88 लाख, नैकाफ पर 24.71 लाख रुपये बकाया है। 16960 किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि क्रय केंद्रों की लागातार जांच की जा रही है। किसानों को गेहूं सीधे क्रय केंद्र पर तौल किया जा रहा है। गेहूं क्रय के बाद किसानों को 72 घंटे के अंदर भुगतान का निर्देश है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। किसानों का बकाया न रहे, इसका पूरा ख्याल है। क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा दी जा रही है। वहीं क्रय केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी है कि गेहूं क्रय पर लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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