सुधर जाओ नहीं तो जेल भेज दूंगा
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तपती दोपहरी में किसानों से संवाद करने पहुंचे डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। तपती दोहरी में डीएम किसानों से संवाद करने पहुंचे। गेहूं् क्रय की हकीकत को जानने का प्रयास किया। किसानों ने जब बताया कि 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचने को मजबूर हैं तो डीएम गुस्से में आए गए। क्योंक् िसरकारी रेट 1840 प्रति क्विंटल है। किसानों का घाटा होता देख वह पास में खड़े जिला खाद्य विपणन अधिकारी से बोले कि सुधर जाओ, नहीं तो जेल भेज दूंगा। डीएम की सख्ती देख किसानों ने राहत की सांस ली।
बुधवार को डीएम अमरनाथ उपाध्याय कार्यालय कक्ष में गेहूं क्रय की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सबसे कम क्रय करने वाले केंद्रों की सूची तलब की। 20 क्रय केंद्रों की सूची डीएम को दी गई। बातचीत में उन्होंने पूछा कि आखिर क्रय कम क्यों हो रही है। दिक्कत क्या है। सही जवाब नहीं मिलने पर वह चेंबर से उठे और सबको साथ चलने के लिए कहा। साथ में क्रय केंद्र प्रभारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी मौजूद रहे। कोई समझ नहीं पाया कि डीएम का रुख क्या होगा। डीएम की गाड़ी चिऊरहां एसएसबी कैंप के मोड़ पर रुक गई। वहां गोबरी बर्तन धो रहे थे। डीएम की गाड़ी देख वह उसके करीब पहुंचे तो डीएम गाड़ी से बाहर आकर हालचाल पूछने लगे। इस दौरान अतिकुर्ररहमान भी आ गए। दोनों लोगों से पूछा कि गेहूं कहां बेचे हैं। जवाब मिला की निजी केंद्र पर। डीएम ने पूछा, क्यों सरकारी केंद्र पर नहीं बेचे। जवाब मिला चक्कर लगाने के बाद भी तौल नहीं हुआ तो 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच दिया, तुंरत रकम भी मिल गया। इसके बाद डीएम गबडुआ गांव पहुंचे। यहां इमामुद्दीन, सिराजुद्दीन, सुल्तान, मारूफ से पूछा कितनी खेती है। गेहूं कहां बेचा। किसानों ने कहा कि साहब दुकान पर क्योंकि केंद्र से बोरा ही नहीं मिला। यह बात सुन डीएम नाराज हुए और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को जेल भेजने की चेतावनी दी। डीएम बोले कि किसानों का नुकसान नहीं होना चाहिए। जब सरकार उचित मूल्य दे रही है तो प्राइवेट में गेहूं किसान क्यों बेचेंगे।