महराजगंज। जुलाई में जिले के छह मदरसों में मध्यान्ह भोजन न बनने पर उनके प्रधानाचार्यों का वेतन रोक दिया गया है। भविष्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नए शैक्षिक सत्र में 6 मदरसों प्रधानाचार्यों ने मिड-डे मील बनवाने में कोई रुचि नहीं ली गई। मामला संज्ञान में आने पर बीएसए ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा है। संबंधित मदरसे के प्रधानाचार्य का जुलाई का वेतन रोक दिया गया है।
मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत यार अल्बिया फैजुर्रसूल नौडिहवां, सेखुआनी, मदरसा दारूल उलूम इरबिया हमीबिया अहलेसुन्नत पनियरां खास, मदरसा दारूल उलूम हमीबीया निरवा पनियरा, मदरसा दारूल उलूम, गौसिया बैरवां बनकटवां, खोरिया बाजार, मदरसा अजीजिया इशायतुल उलूम मीर शिकारी टोला अजमतनगर सिसवां और मदरसा अरबिया अतादर्रसूल सिसवा बाजार के प्रधानाचार्य का वेतन रोका गया है। इन मदरसों पर जुलाई में 13 दिन मध्यान्ह भोजन नहीं बनना पाया गया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि मध्यान्ह भोजन बनवाने में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। संबधित मदरसे के प्रधानाचार्य का जुलाई माह को वेतन रोक दिया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि बच्चों को पौष्टिक मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।