बनेलिया मंदिर और भारत पंप के बीच तीन धंटे से जाम में फंसे यात्री।
महराजगंज/सोनौली। नेपाल बार्डर से सटे सोनौली कस्बे से लेकर नौतनवा तक करीब 15 किमी लंबा ट्रकों का जाम दुश्वारियाें का कारण बन गया है। घर के सामने ट्रक खड़ा होने से बाइक निकालने तक की समस्या हो रही है। बच्चे स्कूल देर से पहुंच रहे हैं।
सोनौली सीमा से लेकर 15 किलोमीटर सड़क की एक लेन पूरी तरह जाम है जिसके कारण सोनौली कस्बे के अलावा कुनसेरवा, नौतनवां बाईपास के ग्रामीणों को घर से वाहन निकालने में परेशानी हो रही है। जनार्दन ने बताया कि घर सामने ही ट्रक खड़ा है। अगर आगे बढ़ाने के लिए कहा जाता है तो नोक-झाेंक की नौबत आ जाती है। दीपक कुमार, सुदर्शन कुमार ने बताया कि बीते एक सप्ताह से ट्रक घर के सामने खड़ा है। घर से निकलने में परेशानी होती है। वाहन लेकर जाना काफी मुश्किल है।
ट्रक चालक गाड़ियों को सटा कर रखते हैं। इससे बाइक निकलना भी मुश्किल है। ज्ञानेश ने बताया कि बच्चों को पैदल ही स्कूल लेकर जाना पड़ा। इससे देर हो गई। यह समस्या एक व्यक्ति की नहीं है। हाईवे किनारे के सभी लोगों परेशान हैं। भंसार में प्रवेश की प्रकिया धीमी: ट्रांसपोर्ट व्यवसायी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सब कुछ सामान्य है। फिर भी वाहनों की कतार कम नहीं हो रही है। ट्रक चालकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भंसार में प्रवेश की प्रकिया धीमी है। त्योहार के समय जाम लगना स्वभाविक है। नेपाल प्रशासन को इस पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए। संख्या बढ़ने से भंसार परिसर से बाहर निकलने वाली गाड़ियां भी प्रभावित हो रही हैं। वाहनों को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन से भी ज्यादा समय लग जा रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो भारतीय सरहद से सटे नेपाली सीमा की तरफ बने फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ सकता है।
ट्रक चालकों को भी हो रही दिक्कत: राजस्थान के ट्रक चालक दिवाकर सिंह ने बताया कि पाउडर लेकर तीन दिन से सोनौली सीमा पर खड़ा हूं। ट्रांसपोर्टर के बताए पते पर बिल्टी जमा कर दिया लेकिन गाड़ी नहीं पास हो रही है। बंगाल के ट्रक चालक भीम ने बताया कि तीन दिन से लाइन में खड़ा हूं। लोड के कारण ट्रक के पहिए खराब हो रहे हैं।
यातायात के लिए पुलिस बढ़ाए गए : कोतवाल सोनौली अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि नियम के खिलाफ कतार तोड़ कर भागने वाले तीन ट्रक को सीज किया गया है। यातायात व्यवस्था के लिए प्रत्येक चौराहे पर पुलिस लगाई गई है। वाहनों के जल्दी प्रवेश को लेकर नेपाल भंसार अधिकारियों से वार्ता की गई।