महराजगंज। सड़क हादसों से लाल होती जनपद की सड़कों पर बढ़ते मौत की रफ्तार ने ज्यादार युवाओं को ही अपनी जद में लिया है। इन हादसों में बहुत से परिवारों के सपने उजड़ गए। कोई डॉक्टर बनने से पहले ही दुनिया छोड़ गया तो कोई अपने दुकान का उदघाटन भी नहीं कर पाया। परिजन आज उनकी यादों के सहारे जीवन बसर तो कर रहे हैं लेकिन उन्हें अपनों के खोने का गम सता रहा है। लोग अपनों की असावधानी पर भी अफसोस जताते नहीं थक रहे।
कोठीभार थाना क्षेत्र के कुईया गांव के जयहिंद शर्मा (22) की बीते वर्ष 16 दिसंबर को सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने बहन के घर रह कर गोरखपुर से आईटीआई कर रहा थे। बहन बविता ने ही उसे पाला पोसा था। भाई की मौत के सदमे से बहन अब भी उबर नहीं पाई है। बबिता बताीती है कि बगैर हेलमेट लिए घर से वह रात में निकला था और चंद मिनटों बाद ही उसके हादसे की खबर मिली। मौके पर पहुंची तो भाई खून से लथपथ था। अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। उनका भाई सरकारी नौकरी करना चाहता था। इसीलिए वह आईटीआई भी कर रहा था लेकिन नौकरी से पहले नियती को कुछ और ही मंजूर था। आज भी सड़कों पर जब छोटे छोटे बच्चों को तेज रफ्तार में बाइक चलाते देखती हूं तो मेरी रूह कांप जाती है।
कोठीभार थाना क्षेत्र के ही चिउटहां निवासी आकाश सोनी की भी बीते वर्ष 7 नवंबर को निचलौल के निकट बिजली पोल में बाइक टकराने से मौके पर मौत हो गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बिजली का पोल तीन खंड में टूट गया था और बाइक के पीछे बैठा आकाश का दोस्त करीब बीस फीट दूर खेत में गिरा पड़ा था। आकाश के पिता विजय सोनी बेटे का जिक्र सुनते ही फफक पडे़। उन्होंने बताया कि आकाश रेडिमेड कपड़ों का शोरूम खोलने के लिए दुकान बनवा चुका था। उदघाट्न का कार्ड छपवाने निचलौल गया था। कार्ड छपवाने के बाद बहन से मिलकर वापस आ रहा था कि रास्ते में उसकी बाइक बिजली पोल से टकरा गई और वह मौके पर ही दम तोड़ दिया। बेटे की मौत के बाद उसका शव देखने की भी हिम्मत हम नहीं जुटा पा रहे थे। बेटे के साथ परिवार की उम्मीदें भी दफन हो गई हैं।
सिसवां नगर के अमरपुरवां निवासी राजेश विश्वकर्मा की भी मौत एक सडक हादसे में बीते वर्ष 3 मार्च को हो गई थी। दोस्त के घर शादी में जाते समय रास्ते में उनकी बाईक पेड़ से टकरा गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह बर्तन कारोबारी थे। उनके असमय मौत से पूरा परिवार बिखर गया। पत्नी पिंकी देवी जैसे तैसे बेटे राज व बेटी खुशी को पाल रही है। पति की मौत के बाद पिंकी देवी मिठाई के डिब्बों को बनाने का काम करती है। पिंकी देवी बताती हैं कि पति की मौत से परिवार बिखर सा गया। आज भी अखबार में जब कभी हादसों की खबरें देखती हूं तो पति के मौत का मंजर आंखों में तैर जाता है।
जनपद के सिसवां बाजार स्थित चोखराज इंटर कालेज के 11 वीं के छात्र विकास कुमार सिंह की वर्ष 2015 में बाइक से गिरकर मौत हो गई। हादसे के वक्त वह अपने चाचा आशुतोष सिंह के साथ के साथ स्कूल से घर जा रहा था। पीछे से दूसरे बाइक ने टक्कर मार दी, जिससे विकास गिर पड़ा और सिर में ईट से चोट लगने के कारण मौके पर ही मौत हो गई । विकास के पिता संजय सिंह बताते है कि मेरा बेटा पढ़ाई में अव्वल था वह डॉक्टर बनना चाहता था और इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत कर पढ़ाई भी कर रहा था लेकिन एक हादसे ने हम सभी के अरमानों का गला घोंट दिया। हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।