कस्टम और एसएसबी की संयुक्त टीम ने डीसीएम को घेरकर पकड़ा
नेपाल से चोरी छिपे लाया जा रहा था माल
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा पर कस्टम और एसएसबी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से तस्करी कर लाया जा रहा 13.62 टन धातु राख नियारा बरामद किया। टीम ने डीसीएम में सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद माल की कीमत और उसकी वास्तविक प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात कस्टम अधिकारियों को सूचना मिली थी कि डीसीएम से नेपाल के बेलहिया से सोनौली होते हुए धातु राख बखिरा, संतकबीरनगर ले जाई जा रही है। सूचना के बाद कस्टम अधिकारियों ने एसएसबी सोनौली के जवानों के साथ संयुक्त टीम बनाई। एसएसबी इंस्पेक्टर विशाल कुमार के नेतृत्व में टीम ने सीमा शुल्क बैरियर के पास निगरानी शुरू कर दी।
रात करीब दस बजे नेपाल की ओर से एक डीसीएम आती दिखाई दी। वाहन का नंबर मुखबिर की सूचना से मिलान होने के बाद टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। इसके बाद भी टीम ने घेराबंदी कर डीसीएम को रोक लिया। वाहन में चालक समेत दो लोग सवार थे। तलाशी के दौरान डीसीएम में बोरियों में राख जैसी सामग्री मिली।
पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने अपना नाम शरीफ अहमद निवासी बखिरा, संतकबीरनगर और मोहम्मद कामरान निवासी बहराइच बताया। पूछताछ में चालक ने माल का मालिक आफताब आलम निवासी बखिरा, संतकबीरनगर को बताया। पूछताछ में पकड़े गए दोनों लोग माल से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। उन्होंने बताया कि माल काठमांडो से लोड कर भैरहवा-सोनौली सीमा के रास्ते बखिरा ले जाया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि वाहन को सीमा पर खाली बताया गया था और माल की कस्टम में घोषणा नहीं की गई थी। इसके बाद कस्टम टीम ने डीसीएम को माल समेत अपने कब्जे में ले लिया। धर्मकांटा पर वजन कराने पर डीसीएम में कुल 13,620 किलोग्राम धातु राख मिली। कस्टम विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में माल के मालिक समेत तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।