महराजगंज। लागत ज्यादा पर मुनाफा कम। उत्पादन बढ़े तो मुनाफा घटे। व्यापार की भाषा में सूबे के किसानों की जमीनी हकीकत ऐसी ही है। एक दो साल नहीं कई दशकों से खेती घाटे का सौदा बन रही है। हालांकि सूबे की सरकार अब किसानों की दशा सुधार के लिए आगे आ रही है। इसके लिए 21 जून से जिले 1212 ग्राम पंचायतों में किसानों के लिए पाठशाला लगाने की तैयारी में है। इसमें किसानों की आमदनी दोगुनी करने के तमाम गुरू सिखाए जाएंगे।
सोमवार को किसानों की पाठशाला की तैयारियों के सिलसिले में किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया, जिस ग्राम पंचायत में पाठशाला का आयोजन होना है। वहां पहले से ही विभाग की ओर से मुनादी भी कराई जाएगी। जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान इस पाठशाला में शामिल हों। उप निदेशक कृषि गणेश दूबे ने बताया कि शासन किसानों की आय बढ़ाने के लिए संकल्पित है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व है कि शासन के कार्यक्रमों का क्रियान्वयन तत्परता के साथ करें। उन्होंने कहा कि किसान पाठशाला के प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह पाठशाला दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 21 से 23 जून तक और दूसरा चरण 25 से 27 जून के बीच चलेगा। इसमें जिले के 1212 राजस्व गांव में पाठशाला का अयोजन होना है। पाठशाला में किसानों की आय दो गुनी करने के लिए लागत मूल्य कम करने उत्पादन का वाजिब दाम किसानों को दिलाने, रासायनिक खादों का कम से कम प्रयोग करने, जैविक खाद हरी खाद के अलावा पशुपालन, मुर्गी पालन भेड पालन, कृषि वानिकी आदि की जानकारी किसानों को दी जाएगी। किसान ऐसा फल चक्र बनाए कि भूमि की उर्वरता शक्ति बनी रहे। इसका भी प्रशिक्षण उन्हें दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने जिले के किसानों की आय बढ़ाने के लिए लक्ष्य तैयार किया गया है। किसान पाठशाला में प्रशिक्षण अपने न्याय पंचायत स्तर पर ही प्राप्त करेंगे।