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राष्ट्रद्रोह के आरोपियों की पैरवी के मुद्दे पर कचहरी में हंगामा
- दो वकील कर रहे थे पैरवी की तैयारी, अधिवक्ताओं ने इनके चेंबर में की तोड़फोड़
- बार एसोसिएशन की बैठक में दोनों की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। राष्ट्रद्रोह के तीन आरोपियों की पैरवी के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को कचहरी परिसर में जमकर हंगामा हुआ। अधिवक्ताओं ने पहले नारेबाजी की और फिर पैरवी की तैयारी में जुटे दोनों अधिवक्ताओं के चेंबर में तोड़फोड़ की। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आनन-फानन में बैठक बुलाई और दोनों अधिवक्ताओं की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया। हंगामे के दौरान अधिवक्ताओं का गुस्सा देख पुलिस भी खामोश रही।
राष्ट्रद्रोह का मामला 15 अगस्त का है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़गो स्थित एक मदरसे में राष्ट्र ध्वज तो फहराया गया, लेकिन इसके बाद राष्ट्रगान नहीं हुआ। मदरसा के प्रधानाध्यापक, एक शिक्षक और एक अन्य ने इसका विरोध किया। घटना का वीडियो वायरल होने पर हरकत में आई पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ और उन्हें जेल भेज दिया गया। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन महराजगंज के अध्यक्ष जगदीश पटेल ने कहा कि राष्ट्र से बड़ा कुछ भी नहीं होता। घटना के समय ही बार एसोसिएशन ने तीनों आरोपियों की पैरवी न करने का फैसला किया था। सभी सदस्यों को इसका पालना करना चाहिए, लेकिन दो अधिवक्ता उनकी पैरवी के लिए तैयार हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि पैरवी की तैयारी जुटे दोनों अधिवक्ताओं मनोज कुमार सिंह व मैनुद्दीन अंसारी की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसे बार काउंसिल उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा। इस दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री परमानंद गुप्ता, हमीदुल्ला खां, वाहिद अली, सुशील श्रीवास्तव, प्रदीप जायसवाल, अरुण पांडेय, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।