कोठीभार। सिसवा को तहसील बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने बैठक कर रणनीति तय की। रुकावट पैदा करने वालों का हर स्तर पर विरोध का निर्णय लिया गया। सिसवा तहसील बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमरेंद्र मल्ल ने कहा कि सिसवा के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से समृद्ध बाजार अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। नगर का विकास नहीं होने से युवा बेरोजगार हैं और बड़े शहरों को पलायन के लिए विवश हैं।
समिति के श्रीराम शाही ने कहा कि नगर के युवा अपना अधिकार पाने के लिए कमर कस चुके हैं। लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी मांग रख रहे हैं। फिर भी हमारी नहीं सुनी गई तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
समिति के मीडिया प्रभारी रौशन मद्धेशिया ने कहा कि आज प्रदेश की सबसे पुरानी टाउन एरिया की कुछ स्वार्थी तत्वों के कारण उपेक्षा की जा रही है। रिजवान अहमद ने कहा कि इस प्राचीन नगर के विकास के मार्ग को हमेशा अवरुद्ध किया गया है। इस अवसर पर सिद्धार्थ कुमार, विकास कुमार, विजय कुमार, मोहम्मद इस्लाम, अनिल कुमार, प्रिंस, संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।