चिउरहां निवासी ध्रूप उर्फ इंद्रासन को गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश्वर पांडेय ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर की विवेचना में ग्राम चिउरहां पहुंचे तो गांव के लोगों ने बताया कि ध्रूप उर्फ इंद्राशन निवासी चिउरहां, कोतवाली सदर मनबढ़ व शातिर किस्म का है। उसने गैंग बनाकर 10 जनवरी 2008 को गांव के रामदुलारे एवं उसकी पांच माह की गर्भवती पुत्री सोनी की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। रामदुलारे के पुत्र नागेंद्र को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
संयुक्त निदेशक अभियोजन गया राम ने सात गवाहों एवं सात दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार गैंगस्टर एक्ट के तहत सजा की अधिकतम अवधि दस वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है।