महराजगंज। न्यायालय विशेष न्यायाधीश, अनन्य न्यायालय, पॉक्सो अधिनियम महराजगंज द्वितीय, विनय कुमार सिंह ने किशोरी से हुए दुष्कर्म मामले की शुक्रवार को सुनवाई की। दोषी अनिल वर्मा को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, 20 सितंबर 2016 को थाना कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया गया कि 15 वर्षीय पुत्री 17 सितंबर 2016 को अपनी सहेली के घर गई थी। रात करीब 8:30 बजे जब नित्यकर्म के लिए गांव के बाहर गई थी। तभी अनिल वर्मा ने बगीचे में ले जाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता जब घर लौटी तो डर और सदमे के कारण उसने अपनी मां को कुछ नहीं बताया। अगले दिन उसने पूरी घटना अपनी मां को बताई।
लोकलाज के भय से परिवार ने पहले किसी से कुछ नहीं कहा, लेकिन इसी बीच आरोपी अनिल वर्मा बार-बार धमकी देने लगा कि यदि इस बारे में किसी को बताया गया तो वह पूरे परिवार को खत्म कर देगा। धमकी के बाद परिवार और भयभीत हो गया। पीड़िता की मां बेटी को लेकर 20 सितंबर 2016 को थाना कोतवाली पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में केस दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अनिल वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
शुक्रवार को न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आरोपी अनिल वर्मा को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई।