उत्तर प्रदेश में दंगा प्रभावित चार गांवों से चार से पांच दर्जन लोगों के गायब होने की आशंका जताई गई है। इनमें से 18 लिसाढ़ और 12 लोग लांक से गायब बताए गए हैं। ग्रामीणों ने बुधवार को एसपी से मिलकर यह आशंका जताई है।
अधिकारियों ने अनुमान लगाने के बजाए गायब लोगों की सूची देने के लिए कहा है, ताकि लिखा-पढ़ी में कार्रवाई की जा सके।
मोहम्मद मोमिन जौला, बाबू के नेतृत्व में कुछ लोगों ने बुधवार को एसपी क्राइम कल्पना सक्सेना से मिलकर उन्हें अवगत कराया है कि फुगाना, बहावड़ी, लांक और लिसाढ़ गांव में हिंसा के दौरान काफी लोग गायब हुए हैं।
यह संख्या से चार से पांच दर्जन तक हो सकती है। फिलहाल उन्हें लिसाढ़ से 18 और लांक से 12 लोग लापता होने की खबर मिल रही है। इसके अलावा अन्य गांवों से लोग लापता हैं।
काफी तलाश करने के बाद उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। एसपी ने पूरी बात सुनने के बाद कहा कि वह लापता लोगों की सूची उपलब्ध करा दें, ताकि लिखा-पढ़ी में लेकर आगे की कार्रवाई की जाए।
मोमिन जौला ने बताया कि लापता लोगों के बारे में गुरुवार तक स्थिति साफ हो जाएगी। एसपी कल्पना सक्सेना का कहना है कि अभी केवल आशंका जताई जा रही है। गायब लोगों के नाम अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।