बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदा बेन शहर में थीं। वह पूरे एक घंटे यहां रुकीं। साहू समाज के स्नेह मिलन कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। लेकिन किसी से दो बात भी नहीं की। वह तय समय से 52 मिनट लेट आईं और एक घंटे रुककर चली गईं। स्थानीय लोग, पार्टी कार्यकर्ता और मीडिया के लोग उनसे बात करने के लिए इंतजार ही करते रहे, लेकिन वह किसी से बिना बोले चलीं गईं।
बबीना के श्रीराम जानकी मंदिर के स्वर्णजयंती समारोह में शामिल होने आईं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदा बेन शहर के साहू समाज के अनुरोध पर लक्ष्मीपुरा में आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची। उन्हें तीन बजे आना था, लेकिन वह तीन बजकर 52 मिनट पर कार से पहुंची। लक्ष्मीपुरा में आयोजित कार्यक्रम में कुछ देर रुकने के बाद वह कार्यक्रम आयोजक सत्यनारायण साहू एडवोकेट के घर पहुंची। यहां नाश्ता किया और उनके परिजनों के साथ बातचीत की। ठीक चार बजकर 52 मिनट पर वापस हो गईं।
उनके आगमन की जानकारी को सीमित रखा गया था। जिला व पुलिस प्रशासन और समाज के सीमित लोगों के अलावा मीडिया को ही कार्यक्रम का पता था। कार्यक्रम में अधिक भीड़ न तो इसके लिए कार्यक्रम स्थल के मुख्य मार्गों को पुलिस ने बंद कर दिया था। साहू समाज के लोगों व लक्ष्मीपुरा मुहल्लावासियों में उनको देखने और मिलने को लेकर काफी उत्साह था। जब वह मंच पर पहुंची तो समाज के लोग उनके साथ फोटो खिंचवाने में जुट गए, लेकिन सुरक्षा में लगे कर्मचारियों की सख्ती के कारण कई लोगों की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। मंच के सामने दो घंटे से बैठे लोग जशोदा बेन का संबोधन सुनने को भी व्याकुल थे, लेकिन किसी को उनकी आवाज तक सुनना नसीब नहीं हुआ। उन्होंने सम्मान के बदले साहू समाज का आभार भी केवल हाथ जोड़कर कर दिया। उनके साथ आए लोगों ने बताया कि जशोदा बेन को हिंदी कम आती है, इसलिए वह बातचीत करने से बचती हैं।
जसोदाबेन के साथ उनके भाई अशोक भाई मोदी, उनके परिवार की बहु अंजली साहू और ओम प्रकाश नरवरिया उपस्थित रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, विधायक रामरतन कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, चंद्रशेखर पंथ, साहू समाज समिति से संरक्षक कांशीराम बाबा, अध्यक्ष पर्वतलाल साहू, सुनील, निहालचंद्र, छक्कीलाल, मगनलाल साहू, ऋषि कुमार साहू, सीताराम, शिवम, देवेंद्र, भागीरथ, दिनेश आदि उपस्थित रहे।