फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा व सिंचाई नहीं, उजड़ रहा पौधरोपण

Wed, 19 Apr 2017 01:04 AM IST
lalitpur
विज्ञापन
प्रशासन - फोटो : demo pic
विज्ञापन
सरकार एक ओर जहां बुंदेलखंड की पथरीली और बंजर जमीन को हरा-भरा करने के लिए करोड़ों रुपये पौधरोपण में खर्च कर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा रही है। वहीं, दूसरी ओर बिजरौठा के जंगल में लाखों रुपये से हुआ पौधरोपण सिंचाई और सुरक्षा के अभाव में उजड़ रहा है। वर्तमान में यहां पानी के अभाव में लगे पेड़ मुरझाने लगें है। आवारा जानवर पौधों को उजाड़ रहे हैं।
विज्ञापन

वन विभाग माताटीला द्वारा वर्ष 2716 -17 में कैम्पा योजना के तहत बिजरौठा में 1.5 हेक्टेअर भूमि में लगभग 1313 पौधे लगाए गए। इन पौधों को लगाने के लिए 976 गड्ढे खोदे गए और लगभग 225 बौना नालियों का निर्माण किया गया। इस बार मानसून अच्छा होने के कारण कम मेहनत पर पूरा पौधरोपण सही तरह से फलीभूत हो गया। इसके बाद यहां के अफसरों ने कभी इसके रखरखाव पर ध्यान देना उचित नहीं समझा।


आवारा जानवर इस पौधरोपण के तहत लगाए गए पौधों को अपना निशाना बना कर उजाड़ रहे है। वर्तमान में यहा सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कार्यरत कर्मचारी गर्मी के चलते दिन में अपने घरों पर आराम फरमाते है जबकि दोपहर में ही आवारा जानवर इस पौध को नुकसान पहुचा रहें  है। वहीं, कुछ पौधे सिंचाई के अभाव में दम तोड़ने लगे है।             
विज्ञापन

सुरक्षा के लिए नहीं है अलग से कोई व्यवस्था      
तालबेहट (ललितपुर)।  इस संबंध में जब माताटीला क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी महेश तिवारी से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि इसका क्षेत्रफल काफी कम है। इस योजना में पौधों की सुरक्षा का जिम्मा क्षेत्र के वन रक्षक पर है। सिंचाई का भी इस योजना में कोई अलग से प्रबंध नहीं है।       
           
सिंचाई एवं सुरक्षा का  नहीं कोई प्रबंध: भगवत बुंदेला            
तालबेहट (ललितपुर)। बिजरौठा के मजरा टपरियन निवासी भगवत सिंह बुंदेला का कहना है कि इतना अच्छा अभियान सिंचाई एवं सुरक्षा के अभाव में समाप्ति की ओर है। कई बार अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया, परंतु किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।            
           
टैंकर लगा कर हो सिंचाई : गोविंद सिंह            
तालबेहट (ललितपुर)। ग्राम के पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गोविंद सिंह यादव ने कहा कि विभागीय अधिकारियों का रवैया पौध की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। यही पेड़ आगे जाकर हम लोगों को जीवन दायी वायु एवं कई लाभ देते है। ऐसी स्थिति में विभाग को टैंकरों से पौधों की सिंचाई कराना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें