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ये कैसा आजादी का महोत्सव : स्टेशन और कोतवाली के सामने से गायब हो गए तिरंगे झंडे

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ललितपुर। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जनपद में भले ही कार्यक्रम चल रहे हैं लेकिन रेलवे स्टेशन और कोतवाली के सामने लगाए गए तिरंगे झंडे काफी दिनों से गायब हैं। इन झंडों को लगवाने के लिए अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को सुध नहीं है। हैरत की बात तो यह है कि कोतवाली के सामने लगे पोल से झंडा हटाने को लेकर नगर पालिका के ईओ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि इतना महंगा झंडा रोज नहीं लगाया जा सकता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रमुख रेलवे स्टेशनों के बाहर सबसे ऊंचा पोल लगवाकर तिरंगा झंडा सम्मान के साथ लगवाए गए थे। इसे देखकर प्रत्येक नागरिक का मन प्रफुल्लित हो जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से यह झंडा गायब हो गया। पोल पर सिर्फ लाइट ही जलती नजर आती है। हैरत की बात तो यह है कि इस पर रेलवे अफसरों की भी निगाह नहीं पड़ी नतीजतन आज भी पोल बगैर झंडे के खड़ा है।
इधर, सपा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2015 में शहर कोतवाली के सामने नगर पालिका परिषद की ओर से करीब 110 फुुट ऊंचा तिरंगा झंडा लगाया गया था। बीच शहर में यह सबसे ऊंचा तिरंगा शहरवासियों की शान बन चुका था। तिरंगा झंडा भी मुंबई से तैयार कराया गया था उसकी लंबाई 30 फुट व चौड़ाई 20 फुट है। रात के समय भी तिरंगा दिख सके, इसके लिए विशेष प्रकार की लाइट लगवाई गई थी, जो नीचे से तिरंगे पर रोशनी डालती है। लेकिन यह तिरंगा झंडा भी कई म हीनों से गायब है। इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जनपद में कई कार्यक्रम चल रहे हैं इसके बाद भी पोल पर झंडे नहीं लगे होना चर्चा का विषय जरूर बन गए हैं।
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ललितपुर। कोलकाता और उड़ीसा से आए कारीगरों ने खंभे को किया था खड़ा जानकारी के मुताबिक कोतवाली के सामने तिरंगा झंडा लगाने के लिए कोलकाता और उड़ीसा से आए कारीगरों ने खंभे को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी। तिरंगे झंडे की ऊंचाई, लंबाई व चौड़ाई इतनी अधिक है कि नगर के किसी भी स्थान से तिरंगे को लहराते हुए देखा जा सकता है। 110 फुट ऊंचे खंभे पर फहराए जाने वाले तिरंगे झंडे के लिए नगर पालिका ने 15 लाख रुपये खर्च किए थे। प्रांगण में फूलों का बगीचा तैयार किया गया, जिससे यहां आने वाले नागरिकों को अच्छा लगे और तिरंगे के नीचे खड़े होकर वह अपनी सेल्फी ले सके।
बोले जिम्मेदार
बारिश व आंधी में तिरंगा झंडा खराब और फटने की वजह से उतार लिया गया था, जल्द ही दूसरा तिरंगा झंडा यहां फहराया जाएगा।-मनोज कुुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।
बारिश व हवा में झंडा खराब हो जाता है, फट जाता है। एक झंडा करीब चालीस हजार रुपये का आता है और इतना महंगा झंडा हमेशा नहीं लगाया जा सकता है। इसलिए यहां यह तिरंगा झंडा मुख्य पर्व स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस एवं दो अक्तूबर को ही लगाया जाएगा, जो दो चार दिन लगाया जाएगा और लाइट भी जलाई जाएंगी। झंडा रखा हुआ है, जो 14 अगस्त को लगाया जाएगा।
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-निहाल चंद, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
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