ललितपुर। चंडी मंदिर धाम पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने 15 लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही यहां रुद्रमहायज्ञ का पंचांग व पीठ पूजन किया गया।
पार्थिव शिवलिंग बनाने के बाद दोपहर में विधि विधान से पूजन अर्चन कर महारुद्राभिषेक किया गया। चंडीपीठाधीश्वर महामंडलेश्वर चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना से रोग, शोक नहीं रहता, क्योंकि वह वैद्यनाथ हैं। भगवान शिव को कुबेर का अधिपति माना गया है। भगवान शिव की महिमा का वर्णन शिव महापुराण में है। सभी महापुराणों में शिवमहापुराण को सर्वाेपरि बताया गया है। यह पुराण ही सभी महापुराणों का सार है। शिवपुराण में आशुतोष शिव शंभू को केंद्रित कर उनके स्वरूप, महिमा, कथाएं और उनकी लीलाओं का बड़े ही सुंदर तरीके से वर्णन किया गया है। यह पुराण शिव आराधना और पूजा का विस्तृत वर्णन करता है। महाशिव का गुणगान ही इस पुराण का अमृत सार है। इस मौके पर पूजन प्रधान यजमान हरिशंकर साहू, महाआरती कथा के मुख्य यजमान गिरीश खरे, डाॅ. अनूप श्रीवास्तव, डाॅ. रानी श्रीवास्तव, सरदार बीके सिंह, बृजमोहन संज्ञा, अनूप मोदी, अश्विनी पुरोहित, राहुल शुक्ला, प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, गिरीश शर्मा, बाबा हीरानंदगिरि, बाबा सर्वेश्वर गिरि आदि उपस्थित रहे।