बाहर से आए लोगो की जॉच करते चिकित्सक
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ललितपुर। जनपद की सीमाओं पर कड़ा पहरा होने के बाद भी मजदूर छिपकर घर पहुंच रहे हैं। वह क्वारंटीन व स्क्रीनिंग से बचने के लिए गुपचुप घरों में दिन बिता रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को संक्रमित होने का खतरा सता रहा है। थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम गुलेंदा में इंदौर से आए पांच दर्जन लोग अपने घर पहुंच गए। जहां एक गर्भवती महिला की हालत खराब है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सीमाएं सील की गई हैं। बाहर से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रखा जाता है। इसके बाद एक पर्ची देकर घर के बाहर लगाने की सलाह दी जाती है और साथ ही होम क्वारंटीन किया जाता है। इस दौरान किसी से मिलने और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाती है।
इस प्रक्रिया से बचने के लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। सीमा पर आते ही पुलिस को देखकर दाएं-बाएं के रास्ते खोज रहे हैं। जहां से सुविधा अनुसार अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। घर पर भी कई लोग जानकारी देने से कतराते हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जबकि, एक मौत होने के बाद भी पहले के ढर्रे में सुधार नहीं हो रहा है। लोग नदियों, जंगलों की पगडंडी के रास्तों से पहुंचकर अपनी जान के साथ दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं।
थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम गुलेंदा में इंदौर में मजदूरी कर रहे लोग रविवार की रात्रि को घर पहुंचे, जिसकी सूचना भी प्रशासन को नहीं दी। इसमें से एक महिला की हालत खराब होने पर जखौरा उपचार को गए। जहां पर चिकित्सक ने बताया कि महिला गर्भवती है और समय से पूर्व प्रसव हो सकता है। हालत खराब होने पर महिला को झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। सोमवार की सुबह महिला की हालत खराब होने की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान ऊदल यादव ने बाहर से आए मजदूरों की सूचना प्रशासन को दी। जानकारी मिलने पर जखौरा थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे और बाहर से आए लोगों को बस्ती के लोगों से अलग किया। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर सभी की स्क्रीनिंग कराई, जिसमें किसी में भी कोई लक्षण नहीं पाए गए। सभी को होम क्वारंटीन कर दिया।
महिला गर्भवती है, उसका बच्चा पेट में मृत होने के कारण तबीयत खराब हो गई थी। उसे उपचार करके झांसी के लिए रेफर कर दिया है। बाहर से आए सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई है।
- डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी