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मजदूरों ने लगाया मजदूरी न देने का आरोप

Tue, 13 Jun 2017 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मजदूरी न देने का आरोप - फोटो : demo
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एक साल पहले इमिलिया तला स्थित अंबेडकर पार्क की दीवार बनवाने के बाद मजदूरों का एक लाख 16 हजार रुपये की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे मजदूर परेशान हैं। ठेकेदार द्वारा मजदूरी न दिए जाने के कारण वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजकुमार ने ठेकेदार को पत्र भी भेजा, लेकिन ठेकेदार दो नोटिस के बाद भी जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ है।  
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पार्क की बाउंड्री का काम करने वाले श्रमिक रामदयाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि पिछले साल जून के महीने में पार्क की बाउंड्री का काम करवाया गया था। इसके लिए इमिलिया गांव के 20 मजदूर व 11 कारीगरों ने लगातार 20 दिन काम किया था। इसके लिए सभी मजदूरों की मजदूरी एक लाख 26 हजार रुपये तय हुई। कार्य का ठेका लेने वाले  ने मजदूरों को मात्र दस हजार रुपये का ही भुगतान किया। इसके अलावा अन्य रुपया बाद में भुगतान कर देने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद एक साल गुजर जाने के बाद भी एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में मजदूर लगातार अधिकारियों और ठेकेदार का चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार के यहां जाने पर वह धमकी देकर भगा देती है और रुपये देने से मना कर देती है। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजकुमार ने मजदूरों की बात सुनकर ठेकेदार को अपना पक्ष रखने के लिए 22 मई को बुलाया। लेकिन, वह नहीं आए। इसके बाद 23 मई को फिर नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया, लेकिन वह फिर नहीं आए। परेशान मजदूरों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाकर मजदूरी दिलवाए जाने की मांग की है।
मजदूरों की बात सुनकर ठेकेदार को बुलाया था। दो नोटिस जारी होने के बाद ठेकेदार ने अपना जवाब दिया है कि आरोप लगाने वाले मजदूरों ने काम नहीं किया है। जिन्होंने काम किया है उनका पूरा भुगतान किया जा चुुका है। इसके अलावा मजदूर ठेकेदार पर मुकदमा कर सकते हैं। उनकी पूरी मदद की जाएगी।
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राजकुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
किसी भी मजदूर का कोई बकाया नहीं है, पूरा भुगतान किया जा चुका है। ठेके में रामदयाल को मेट बनाया गया था, और उसको ही मजदूरों की पूरी राशि दी गई थी, अब उसने रुपया मजदूरों को क्यों नहीं दिया। आए दिन रामदयाल घर आकर परेशान कर रहा है। इस संबंध में मैने अधिकारी को जवाब दे दिया है।
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द्रोपदी अहिरवार, ठेकेदार
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