संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विलुप्त हो चुकी नदियों को मनरेगा से पुनर्जीवित किया जाएगा। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि विलुप्त हो चुकी नदियों के जीर्णोद्धार के लिए कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। प्रत्येक जगह पर कार्य की देखरेख के लिए जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में जिलाधिकारी ने बताया कि नौ नदियों के पुनरुद्धार की योजना बनाई गई है, मनरेगा के तहत इन नदियों पर कार्य किया जाएगा। 30 किलोमीटर तक कार्य के लिए तीन लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। सात करोड़ 63 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे करीब 200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इन नदियों में विकासखंड बिरधा की शहजाद नदी, सजनाम, महरौनी की जमरार नदी, तालबेहट की बरूआ नदी, बार में शहजाद की सहायक नदी, मड़ावरा में बंडई नदी, सुकड़ नदी, विकास खंड जखौरा की खैड़र व खरखरी नदी शामिल है।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में चेकडैम का निर्माण कराया जाएगा। नदी के किनारों पर पौधारोपण कराया जाएगा। उन्होंने पुराने जलस्रोतों के पुनरुद्धार के लिए जनसहयोग की अपील की। बताया कि शहर में जितने भी कुएं निर्मित हैं, उनका संरक्षण व पुनरुद्धार किया जाएगा। इस अवसर पर डीसी मनरेगा रवींद्र वीर, सहायक सूचना आयुक्त सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
ये अधिकारी कार्य प्रारंभ के समय पर होंगे उपस्थित
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी विकास खंड महरौनी व मड़ावरा में, सीडीओ केके पांडे तालबेहट और जखौरा में, परियोजना निदेशक एके सिंह बिरधा में व डीसी मनरेगा रवींद्र वीर विकास खंड बार में मौजूद रहेंगे।