संवाद न्यूज एजेंसी
ओरछा। प्रत्येक वर्ष 24 मई को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डे मनाया जाता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ओरछा में पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य मिसाल बनकर उभर रहे हैं।
पर्यटन स्थलों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के सुधार, होम स्टे और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं के लिए पर्यटन सेवा, होम स्टे संचालन और हस्तशिल्प में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोक कलाओं को भी संरक्षित कर किया जा रहा है। ओरछा एक ओर ऐतिहासिक धरोहरों और राजसी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, अब यह महिलाओं के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने वाला क्षेत्र भी बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू की गई सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन फॉर विमेन परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है।
ओरछा के आसपास के गांवों में महिलाएं होम स्टे संचालित कर रही हैं, जिनके माध्यम से वे न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि घरेलू वातावरण में पर्यटकों को बुंदेली संस्कृति का अनुभव भी करवा रही हैं। लाडपुरा खास, राधापुर और बागन गांव में महिलाएं अपने घरों में बनाए गए अतिथि कक्षों के जरिए देश-विदेश से आए सैलानियों को स्थानीय भोजन, परंपराएं और रहन-सहन से परिचित करवा रही हैं। पर्यटन सुविधा केंद्र का संचालन भी स्थानीय महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है।
इसके अलावा मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। ओरछा में बच्चों को पारंपरिक बुंदेली पेंटिंग और चित्रकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रयास न केवल कला को जीवित रखने में सहायक है, बल्कि बच्चों को उनकी संस्कृति से जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है।