ललितपुर। आम तौर पर महिला के लिए आरक्षित होने वाली सीट पर महिलाओं को ही चुनाव मैदान में उतारा जाता है, लेकिन मड़ावरा ब्लाक के ग्राम रनगांव में महिला आरक्षित सीट पर पिता ने अपनी बेटी को आगे बढ़ाया औरबेटी ने जीत हासिल की।
मड़ावरा ब्लाक मुख्यालय के ग्राम पंचायत रनगांव में बालिका सशक्तीकरण का एक उदाहरण साकार होते देखने को मिला है। एक पिता ने प्रधान पद के लिए आरक्षित महिला सीट पर अपनी पत्नी की जगह बेटी को चुनाव में उतारा, जिसे मतदाताओं ने भी समर्थन देकर स्वीकार किया। ग्राम रनगांव से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान सपना खटीक 21 वर्ष की हैं, जो पोस्ट ग्रेजुएट हैं। ग्राम विकास में आवास एवं पक्की सड़कों के अलावा खास तौर से साफ-सफाई एवं महिलाओं द्वारा शौचालय के उपयोग के प्रति जागरूकता के लिए काम करना चाहती हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के उचित प्रबंध में सहयोग एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी प्रयासरत रहेंगी। सपना राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनकी दादी गुलाब रानी 20 वर्ष पहले ब्लॉक प्रमुख रही हैं। उनके पिता अरविंद खटीक तीन बार रनगांव से ही ग्राम प्रधान रहे। एक बार उनकी मां सरोज देवी भी ग्राम प्रधान रहीं हैं। उनकी चाची बबीता खटीक सौंरई सीट से जिला पंचायत सदस्य रही हैं।