भाई ने कहा - बेटी पैदा होने के बाद किए गए उत्पीड़न से हुई बीमार, इलाज कराने में की गई लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में भर्ती 20 वर्षीय ज्योति अहिरवार पत्नी गजेंद्र निवासी ग्राम सुनवाहा की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह बीमारी के चलते 17 नवंबर से मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। ससुरालीजनों ने जहां बीमारी के चलते मौत होना बताया। वहीं, भाई ने कहा कि बेटी पैदा होने के बाद ससुरालियों के उत्पीड़न से बीमार हुई और इलाज में लापरवाही बरती। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
मृतका के ससुर गया प्रसाद ने बताया कि उसकी पुत्रवधु करीब तीन माह से बीमार चल रही थी। जांच में वह क्षय रोग से ग्रसित पाई गई थी और यह रोग दो वर्ष से था। उसका इलाज कराया जा रहा था। इसी बीच 12-13 दिन पूर्व ज्योति के मायके वाले ग्राम चांदरा थाना नाराहट आए और ज्योति को अपने साथ ले गए थे। वहां ज्योति की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो 14 नवंबर को उसे मेडिकल कॉलेज में मायके वालों ने भर्ती कराया था। सोमवार की सुबह ज्योति की इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं मृतका के भाई रानू गौतम ने आरोप लगाया कि 12-13 दिन पूर्व ससुरालीजन ज्योति को बीमार हालत में मायके छोड़ गए थे। पूर्व में इलाज में बरती गई लापरवाही के चलते ज्योति की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल में कराया गया। पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार, ज्योति की मौत बीमारी के चलते होना पाया गया। सीओ महरौनी आशीष मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी किसी प्रकार की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सम्मेलन में हुई थी शादी, ससुरालीजनों के दबाव में पुन: हुआ था शादी कार्यक्रम
मृतका के भाई रानू ने बताया कि ज्योति की शादी 2024 में जिला प्रशासन की ओर से गिन्नौट बाग में कराए गए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई थी लेकिन ससुरालीजनों ने दोबारा शादी कार्यक्रम करने का दबाव बनाया था। इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को घर से पुन: शादी की गई थी। इसमें पूरा दान दहेज दिया था।
मां रही मायके में और चार माह की पुत्री रही दादा के पास
ज्योति की तबीयत जब ज्यादा खराब हुई तो वह मायके ग्राम चांदरा पहुंची लेकिन उसकी चार माह की पुत्री अपने दादा गया प्रसाद के पास ही रही। मायके वालों ने आरोप लगाया कि चार माह की पुत्री को छीनकर ससुरालीजनों ने ज्योति को मायके भेज दिया था।
-